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भीलवाड़ा में हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनावों के बाद राजनीतिक रंजिश का एक खौफनाक मामला सामने आया है। शहर के शास्त्रीनगर क्षेत्र स्थित सूर्यमहल के पीछे बसे कीर्तिनगर में शनिवार देर रात कुछ अज्ञात बदमाशों ने पूर्व पार्षद कैलाश शर्मा के घर पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर के अंदर घुसकर अंधाधुंध पथराव किया और कैलाश शर्मा पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात के समय पूर्व पार्षद अपने घर के आंगन में टहल रहे थे, तभी अचानक हुए इस हमले से इलाके में दहशत फैल गई। हमले की वजह हाल ही में संपन्न हुए नगर निगम चुनाव की आपसी रंजिश बताई जा रही है, जिसमें कैलाश शर्मा की पत्नी आशा देवी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। वारदात से गुस्साए परिजनों और सैकड़ों समर्थकों ने आधी रात को भीलवाड़ा के कोतवाली पुलिस थाने का घेराव कर जमकर विरोध-प्रदर्शन किया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, शनिवार रात जब कैलाश शर्मा घर के परिसर में मौजूद थे, तभी आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद और उपद्रवी तत्वों ने उनके मकान पर पथराव शुरू कर दिया। पत्थरों के सीधे लगने से कैलाश शर्मा के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
अचानक हुए पथराव और चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके की ओर दौड़े, जिन्हें आता देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले। पड़ोसियों और परिजनों ने बिना समय गंवाए घायल पूर्व पार्षद को तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल (MGH) के आपातकालीन वार्ड में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।
स्थानीय सूत्रों और पुलिस की प्राथमिक जांच में इस हमले के पीछे नगर निगम चुनाव से जुड़ी सीधी राजनीतिक अदावत सामने आई है। कीर्तिनगर निवासी पूर्व पार्षद कैलाश शर्मा ने हालिया निकाय चुनावों में अपनी पत्नी आशा देवी को वार्ड 43 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा था।
हालांकि चुनाव परिणामों में उनकी पत्नी को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान ही प्रतिद्वंद्वी गुटों के साथ उनकी तनातनी बढ़ गई थी। परिजनों का आरोप है कि राजनीतिक विरोधी चुनाव खत्म होने के बाद भी खुन्नस खाए हुए थे और इसी रंजिश के तहत योजनाबद्ध तरीके से रात के अंधेरे में हमला किया गया।
पूर्व पार्षद पर घर में घुसकर हुए हमले की खबर जैसे ही शहर में फैली, समर्थकों और स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित परिजन, स्थानीय नागरिक और पूर्व पार्षद के समर्थक बड़ी संख्या में एकत्र होकर आधी रात को कोतवाली पुलिस थाने पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों ने थाने के बाहर जमकर नारेबाजी की और शहर में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि पूर्व पार्षद के परिवार को तुरंत सुरक्षा दी जाए और हमलावरों को गिरफ्तार किया जाए।
कोतवाली थाना पुलिस ने मौके की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। पुलिस अधिकारियों ने समर्थकों को आश्वासन दिया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसके बाद देर रात मामला शांत हुआ।
महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कैलाश शर्मा की हालत फिलहाल खतरे से बाहर और स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम उनके घावों की निगरानी कर रही है।
इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारियों ने भी मामले का संज्ञान लिया है। कोतवाली थाना पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि चुनावी रंजिश में शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।
Updated on:
20 Sept 2026 11:33 am
Published on:
20 Sept 2026 11:31 am
