
Rajasthan : राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के बागोर थाना क्षेत्र में बावलास गांव के साहूकार शोभालाल श्रीमाल हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। करोड़ों रुपए की संपत्ति और 70 लाख रुपए हड़पने के लालच में साहूकार शोभालाल के नौकर-मुनीम ने अपने साथी के साथ मिलकर उनकी मौत की साजिश रची। आरोपियों ने पहले कार में साहूकार का दम घोंटा, फिर मुंह पर टेप चिपकाकर यह सुनिश्चित किया कि वह जिंदा न बच सके और बाद में शव सुनसान कुएं में फेंककर फरार हो गए।
भीलवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने शनिवार को बताया कि पुलिस के संयुक्त दलों ने नारायण सरगरा को उदयपुर से गिरफ्तार किया है। आज उसका चिकित्सकीय जांच करवाकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी रोशन गुर्जर अब भी फरार है। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आया कि मुनीम रोशन गुर्जर को पता था कि शोभालाल श्रीमाल के पास 70 लाख रुपए हैं। इन्हें हड़पने के लिए उसने अपने साथी नारायण सरगरा के साथ शराब पार्टी के दौरान हत्या की पूरी साजिश रची। पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई को सांवलियाजी यात्रा के दौरान हत्या की योजना बनाई गई थी लेकिन साहूकार शोभालाल श्रीमाल के साथ उनके भाई मदनलाल होने से आरोपियों को मौका नहीं मिला।
इसके बाद 18 जुलाई को योजना को अंजाम दिया गया। कार में लौटते समय नारायण ने शोभालाल श्रीमाल के हाथ पकड़ लिए, जबकि रोशन ने उनका गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपियों को डर था कि कहीं वह दोबारा होश में न आ जाएं, इसलिए पहले से साथ लाए गए टेप से उनका मुंह पूरी तरह बंद कर दिया। इसके बाद पहले से चिन्हित कुएं में शव फेंक दिया और रुपए लेकर फरार हो गए। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि मध्यप्रदेश में पानी-पूरी का ठेला लगाने वाले नारायण को हत्या के बदले 10 लाख रुपए देने का सौदा हुआ था।
बागोर थाना प्रभारी बछराज चौधरी ने बताया कि उदयपुर में गिरफ्तारी के दौरान नारायण सरगरा (32 वर्ष) पुलिस को देखकर भागने लगा लेकिन गिरने से उसके पैर में चोट लग गई। फिलहाल उससे गहन पूछताछ जारी है और फरार आरोपी रोशन गुर्जर की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। आरोपी नारायण सरगरा को शुक्रवार को उदयपुर से गिरफ्तार कर शनिवार को कोर्ट में पेश किया जहां से 4 अगस्त तक रिमांड दिया गया दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।