
Bhilwara Couple Death: राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के बरड़ोद गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां अपनी साली और साढ़ू के घर आए एक युवक ने कथित तौर पर मामूली कहासुनी के बाद अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके बाद खुद भी कमरे में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह जब दोनों के शव एक ही कमरे में मिले, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पत्नी का शव जहां पलंग पर पड़ा मिला, वहीं पति का शव फंदे से लटका हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही हमीरगढ़ थाना प्रभारी सुनील बेड़ा और डिप्टी (सदर) नेमीचंद चौधरी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीम को मौके पर बुलाया, जिसने साक्ष्य जुटाए। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह मामला मर्डर के बाद सुसाइड का लग रहा है। मृतका के चेहरे पर चोट के निशान और गले पर दबाव पाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बड़लियास थाना क्षेत्र के 'बन का खेड़ा' निवासी कालू जाट (30 वर्ष) पुत्र देवीलाल, अपनी पत्नी दुर्गा देवी (27 वर्ष) के साथ रविवार शाम को अपने साढ़ू जगदीश जाट के घर बरडोद गांव आया था। रात में सब कुछ सामान्य था और सबने साथ में खाना खाया।
साढ़ू जगदीश जाट ने बताया कि कालू ने रात को बातचीत में कहा था कि उनके बेटे की तबीयत कुछ खराब है, इसलिए वे सोमवार सुबह उसे डॉक्टर को दिखाने उदयपुर लेकर जाएंगे। सोमवार सुबह जगदीश और उनकी पत्नी खेत पर फूल तोड़ने जाने लगे, तो दुर्गा देवी भी उनके साथ चली गई।
इसी दौरान घर पर मौजूद कालू जाट ने दुर्गा के मोबाइल पर फोन किया। वह इस बात से नाराज था कि जब उन्हें उदयपुर जाना था, तो वह फूल तोड़ने क्यों चली गई। फोन पर कालू ने दुर्गा को काफी भला-बुरा कहा और तुरंत घर लौटने को कहा।
साढ़ू जगदीश जाट ने बताया कि फोन पर हुई कहासुनी के बाद वह खुद दुर्गा को लेकर वापस घर छोड़ने आए। उन्होंने दुर्गा को गली के बाहर छोड़ा और वापस खेत की तरफ चले गए। लेकिन खेत पहुंचने पर जगदीश की पत्नी को किसी अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने जगदीश से कहा कि कालू गुस्से में है, दोनों के बीच कहीं झगड़ा न हो जाए, हमें भी घर चलना चाहिए।
जब वे करीब आधे घंटे बाद वापस घर पहुंचे, तो मुख्य दरवाजा हल्का सा बंद था। जैसे ही वे कमरे के अंदर दाखिल हुए, वहां का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कालू फंदे से लटका हुआ था और दुर्गा का शव बेड पर बेसुध पड़ा था। दोनों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।
पुलिस की शुरुआती जांच और साढ़ू जगदीश से मिली जानकारी के अनुसार, कालू और दुर्गा ने करीब 11 साल पहले प्रेम विवाह किया था। दरअसल, बचपन में परिजनों ने दोनों का अलग-अलग जगह बाल विवाह करा दिया था, लेकिन बालिक होने पर दोनों ने अपनी मर्जी से एक-दूसरे का हाथ थाम लिया। इस दंपती का एक 10 साल का बेटा और 7 साल की बेटी है।
डिप्टी (सदर) नेमीचंद चौधरी और थाना प्रभारी सुनील बेड़ा ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में इस खौफनाक कदम के पीछे पारिवारिक कलह के साथ-साथ कर्ज के दबाव को भी एक संभावित कारण माना जा रहा है।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर हमीरगढ़ के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए परिजनों और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है।
पति-पत्नी का पोस्टमॉर्टम होने के बाद, उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद जब दोनों के शव पैतृक गांव पहुंचे, तो वहां कोहराम मच गया। मृत दंपती (कालू जाट और दुर्गा) की एक साथ अर्थी उठते ही पूरे गांव में मातम छा गया और माहौल बेहद गमगीन हो गया। अंतिम विदाई के दौरान वहां मौजूद सभी परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
इस दर्दनाक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक कालू अपनी बूढ़ी मां का इकलौता सहारा था, जिसके चले जाने से मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस हृदयविदारक घटना ने दो मासूम बच्चों के सिर से भी माता-पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया है।
दंपती का अंतिम संस्कार बेहद गमगीन माहौल में किया गया, जहां उनके महज छह साल के मासूम बेटे ने अपने माता-पिता को मुखाग्नि दी। वहीं उनकी तीन साल की मासूम बेटी भी माता-पिता को हमेशा के लिए खो बैठी। अंतिम संस्कार के दौरान मृतक के ससुराल पक्ष और पीहर पक्ष (सालरिया व मंडफिया) सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग ढाढस बंधाने पहुंचे।