भीलवाड़ा

भाजयुमो ने काले दिवस के रूप में मनाई आपातकाल की वर्षगांठ, जुलूस के बाद सड़क पर छोड़ी अधजली मशालें

शहर के चारों मण्डलों की ओर से लोकतंत्र रक्षा संकल्प के तहत मशाल जुलूस निकालकर काला दिवस मनाया गया

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Black day celebrated in bhilwara

भीलवाड़ा।

भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुर्जर के नेतृत्व में मंगलवार को शहर के चारों मण्डलों की ओर से लोकतंत्र रक्षा संकल्प के तहत मशाल जुलूस निकालकर काला दिवस मनाया गया। वही मशाल जुलूस के बाद सड़क पर छोड़ी गई जलती मशाल व करोसिन की खाली पीपों से क्षेत्र में वाहनों को नुकसान पहुंचने की आशंका से क्षेत्र के व्यवसायी गुस्सा उठे।

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रेलवे स्टेशन से नेताजी सुभाष मार्केट तक मशाल जुलूस निकाला गया। इसी दिन 26 जून 1975 को कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लगाया था व उसी के विरोध में यह कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में न्यास अध्यक्ष गोपाल खण्डेलवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य तुलसीराम शर्मा, जिला महामंत्री राकेश ओझा ने काला दिवस की जानकारी दी व बताया कि किस तरह निर्दोष लोगों को जबरदस्ती जेल में बंद करा दिया था।

इस मौके पर युवा मोर्चा महामंत्री सुरेन्द्र सिंह मोटरास, गौतम शर्मा, शिव वैष्णव, उपाध्यक्ष अशोक चेचाणी, सुभाष सोनी, मंत्री हर्ष तातेड़, हरिशंकर जाट, अर्पित अग्रवाल, प्रांजल भारतवालआदि उपस्थित थे। समापन पर शास्त्री नगर मण्डल अध्यक्ष पार्षद शंकर जाट ने आभार प्रकट किया। मशाल जुलूस निकाले जाने के कुछ देर बार ही जुलूस में शामिल कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी को भूल गए, उन्होंने मशालें जलाने में प्रयुक्त अध जले कपड़े, करोसिन की खाली पीपी वहीं छोड़ दी, वही बीच राह में भी कई ने बुझी मशाल फेंक दी, इससे सड़क पर फिसलने होने के साथ ही यहां फैले केरोसिन में आग लगने का खतरा बढ़ गया। वही क्षेत्र के व्यवसायी भी वाहनों व हाथ ठेलों में कही आग ना लग जाए, इस को लेकर घबरा गए । दूसरी तरफ भाजयुमो पदाधिकारियों का कहना है कि कुछेक कार्यकर्ताओं ने गलती की, लेकिन तुरन्द बाद मौके से उन्होंने खाली पीपी व अध जली मशालें हटवा दी।

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Published on:
27 Jun 2018 11:39 am
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