
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक धीरज गुर्जर एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, उन्होंने शनिवार 15 अगस्त को अपना 48वां जन्मदिन अनूठे अंदाज़ में मनाया है। उन्होंने अपने इस विशेष दिन को किसी सामान्य उत्सव या होटल में केक काटकर मनाने के बजाय पूरी तरह से 'गौ संरक्षण', सनातन परंपरा और जनसेवा को समर्पित किया। गुर्जर ने गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने और गोवंश वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का संकल्प लिया है। इस दौरान उन्होंने गायों को हरा चारा व लापसी खिलाकर आशीर्वाद लिया। इधर, कुछ राजनीतिक विश्लेषक धीरज गुर्जर के जांदिवस के अवसर पर हुए इस अनूठे आयोजन और इसमें शामिल हुए हज़ारों की तादाद में समर्थकों और शुभचिंतकों को उनके 'राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन' के तौर पर भी देख रहे हैं।
धीरज गुर्जर ने 15 अगस्त को अपने समर्थकों, शुभचिंतकों और राजस्थान भर से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे जन्मदिन की बधाई देने के बजाय भीलवाड़ा पहुंचकर इस गौ सेवा अभियान का हिस्सा बनें।
सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर उन्होंने कहा कि भगवान श्री देवनारायण जी के पास 9 लाख 99 हजार गायें थीं। उसी लोक-संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली गौ माता की रक्षा के लिए वे राजनीति से ऊपर उठकर काम करेंगे।
जन्मदिन के इस आयोजन को केवल एक दिन का उत्सव न बनाकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान की शक्ल दी गई। कोठड़ी और जहाजपुर तहसील क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों (तहसीलदार) के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में गाय को आधिकारिक रूप से 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग की गई है।
कार्यक्रम में धीरज गुर्जर का एक बेहद अनूठा और आक्रामक अंदाज देखने को मिला। समर्थकों और विभिन्न युवा टीमों द्वारा उन्हें मंच पर चांदी की नक्काशीदार भारी तलवारें और गदा भेंट की गईं।
युवाओं के उत्साह के बीच धीरज गुर्जर ने गदा को हवा में उठाया और तलवारबाजी का प्रदर्शन कर समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया।
उनके समर्थकों ने उन्हें "बब्बर शेर" और "धर्मवीर" जैसे संबोधनों से नवाजा। सुप्रसिद्ध लोक गायक मनराज दीवाना और राजू रावल द्वारा धीरज गुर्जर के जन्मदिन को समर्पित विशेष राजस्थानी गाने लॉन्च किए गए।
धीरज गुर्जर की छवि पहले से ही धार्मिक रही है। सावन के पूरे महीने में वे लहसुन-प्याज का पूरी तरह त्याग करते हैं और दूध तक का सेवन नहीं करते। ऐसे में एक प्रमुख कांग्रेस नेता द्वारा स्वतंत्रता दिवस के दिन गायों के अधिकार के लिए इतना बड़ा संकल्प लेना चर्चा बटोर रहा है।
धीरज गुर्जर को कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता है। इसके अलावा राजस्थान की राजनीति में वे सचिन पायलट के भी प्रमुख समर्थकों में गिने जाते हैं। हाल ही में एआईसीसी ने उत्तर प्रदेश के सह-प्रभारी और सचिव स्तर के सांगठनिक ढांचे में बदलाव करते हुए उन्हें पदमुक्त किया है।
राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि एआईसीसी के इस संगठनात्मक बदलाव के तुरंत बाद भीलवाड़ा और जहाजपुर क्षेत्र में उमड़ी यह भीड़ धीरज गुर्जर का एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन है। अपने 48वें जन्मदिन के बहाने उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि पद रहे या न रहे, क्षेत्र की जनता, गुर्जर समाज और युवा शक्ति के बीच उनका जनाधार पूरी तरह मजबूत है। राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उनके अगले राजनीतिक कदम और राजस्थान की भावी राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।