रीको की ओर से विकसित किए गए औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है
भीलवाड़ा ।
रीको की ओर से विकसित किए गए औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा है। जबकि रीको सर्विस चार्ज के नाम पर हर साल उद्योगों से 6 से 8 रुपए प्रति वर्ग गज के रूप में शुल्क वसूल करता है। शहर में चम्बल परियोजना का पानी भी आ गया है। यह मुद्दा शुक्रवार को कलक्टर शुचि त्यागी की अध्यक्षता में आयोजित औद्योगिक सलाहकार समिति की बैठक में उद्यमियों ने उठाया। इस पर कलक्टर त्यागी ने कहा कि श्रमिकों को पीने का पानी तो मिलना चाहिए।
कलक्टर ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने रीको ग्रोथ सेन्टर में एक लाख लीटर पानी देने पर सहमति जताई। जबकि ग्रोथ सेन्टर में श्रमिकों की संख्या के आधार पर तीन लाख लीटर पानी चाहिए। चम्बल का पानी उद्योगों तक पहुंचाने के लिए रीको के क्षेत्रीय अधिकारी जेपी शर्मा ने भी कहा कि ग्रोथ सेन्टर में पाइप लाइन डली हुई है। इसका भीलवाड़ा टेक्सटाइल ट्रेड फेडरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल शर्मा का कहना था कि वहां पर पाइप लाइन संभवतया नहीं है।
कलक्टर ने शर्मा को पाइप लाइन की जांच करने तथा पानी के लिए तीन सदस्यों की कमेटी बनाने की बात कही। उधर शर्मा ने कहा कि कलक्टर के आदेश पर दोपहर बाद रीको ग्रोथ सेन्टर में जेसीबी के माध्यम से कुछ स्थानों पर रेण्डम जांच की तो पाइप लाइन डली हुई मिली।
ग्रोथ सेन्टर में फायर स्टेशन होने से आठ रुपए शुल्क तथा रीको प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा फोर्थ फेश में 6 रुपए वर्ग गज के आधार पर शुल्क लिया जा रहा है। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक राहुलदेवसिंंह ने बताया कि बैठक में अन्य मुददों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान फेडरेशन के महासचिव प्रेम गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।