
तिलस्वां/ बिजौलियां।
तिलस्वां पंचायत के पापड़ बड़ गांव के जंगल में रविवार देर शाम युवक का एक सप्ताह पुराना शव मिला। बिजौलियां पुलिस ने पहचान नहीं होने से शव को मोर्चरी में रखवाया। वहां सोमवार सुबह उसकी पहचान की गई। मृतक की पत्नी की एक सप्ताह पूर्व सर्पदंश से मौत हुई थी। उसके बाद वह सुधबुध खो बैठा। माना जा रहा है सदमे में उसकी भी जान चली गई।
थानाधिकारी सुगन चौधरी ने बताया कि पापड़ बड़ विद्यालय के पीछे जंगल में रविवार देर शाम शव मिला। शव एक सप्ताह पुराना हो जाने से सडांध मार रहा था। सूचना पर कास्यां चौकी प्रभारी रामलाल मीणा पहुंचे। बारिश अधिक होने से पहचान मुश्किल हो रही थी। इस दौरान माण्डलगढ़ डीएसपी राजेन्द्र नैन व थानाधिकारी चौधरी भी पहुंचे। शव मोर्चरी में रखवाया। इस बीच सोमवार सुबह मृतक की पहचान जालम की झोपडि़यां (35) निवासी जगदीश मीणा के रूप में की गई। वह कास्यां में मजदूरी करता था। जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी की श्यामपुरा में एक सप्ताह पूर्व मृत्यु हो गई थी।
बेटे को गांव भेजा, फिर बिगड़ा दिमागी संतुलन
दाहसंस्कार के लिए कास्यां से निकले जगदीश ने बेटे को गांव भेज दिया। उसके बाद इतना सदमा लगा कि दिमागी संतुलन ही बिगड़ गया। जगदीश भटकता हुआ पापड़बड़ के जंगल में चला गया। माना जा रहा है कि वहा उसकी भूख-प्यास या हृदयघात से मौत हो गई। जंगल होने से कोई वहां तक नहीं गया। पुलिस मामलेे की जांच कर रही है।
मृतक की पत्नी की श्यामपुरा में एक सप्ताह पूर्व मृत्यु हो गई थी
मृतक की पत्नी की श्यामपुरा में एक सप्ताह पूर्व मृत्यु हो गई थी। उसके बाद वह सुधबुध खो बैठा और सदमे में उसकी भी जान चली गई।