गांवों में मनमाने तरीके से बिजली काटी जा रही है कनेक्शन लंबित है पेयजल सप्लाई पूरी नहीं हो रही है
भीलवाड़ा।
गांवों में मनमाने तरीके से बिजली काटी जा रही है। कनेक्शन लंबित है। पेयजल सप्लाई पूरी नहीं हो रही है। स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं है। सड़कों के काम अधूरे हैं। सदस्य हर बार मीटिंग में बोलते हैं लेकिन अफसर टालमटोल जवाब देते हैं। यह व्यथा सोमवार को हुई जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में सदस्यों ने व्यक्त की।
अधिकांश सदस्यों ने गांवों में काम नहीं होने का ठीकरा नौकरशाही पर फोड़ा। आसींद विधायक रामलाल गुर्जर ने तो बिजली के एक मामले में कहा, अब चुनावी साल है इसमें तो काम कर लो।बैठक जिला प्रमुख शक्तिसिंह हाड़ा की अध्यक्षता में हुई। इसमें शाहपुरा प्रधान गोपाल गुर्जर ने स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया।
जिला परिषद सदस्य रूपलाल जाट ने घरों के ऊपर से निकल रही बिजली लाइन का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने बताया कि चंबल परियोजना का काम अब तक नहीं हुआ है। गांवों में अभी भी कई गांवों में पेयजल संकट है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। सवा पांच घंटे बैठक में जिला परिषद सीईओ गजेंद्रसिंह राठौड़ ने प्रगति से अवगत कराया। बैठक में विधायक धीरज गुर्जर, रामलाल गुर्जर, डॉ. बालूराम चौधरी, विवेक धाकड़ आदि उपस्थित थे।
स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं तो प्रवेश बंद
जहाजपुर प्रधान शिवजीराम मीणा ने बताया कि जहाजपुर के वार्ड नंबर तीन में बगता की झोंपड़ी में एक स्कूल था। यहां अभी एक भी शिक्षक नहीं है। एेसे में वहां प्रवेश प्रक्रिया भी बंद है।
खदानों के पास खंभे तो रुका खनन
बैठक में जिला प्रमुख शक्तिसिंह हाड़ा ने मुद्दा उठाया कि बिजली विभाग ने मनमर्जी करते हुए बिजौलियां व मांडलगढ़ क्षेत्र में कृषि कनेक्शन देने के लिए खंभे लगा दिए। अब वहां खनन क्षेत्र है। एेसे में अब 45 मीटर दूरी तक खनन नहीं किया जा सकता है। इस पर विभाग ने कहा, यह जरूरी था। जिला प्रमुख ने कहा, इसका विकल्प देखना जरूरी है।
पंचायत सहायकों को वेतन नहीं
विधायक धीरज गुर्जर ने कहा कि पंचायत सहायकों को छह-छह माह से वेतन नहीं मिला है। इसके बावजूद उन्हें कभी पंचायत तो कभी स्कूलों में भेजा जा रहा है। बिना मानदेय के काम कराकर उन्हें बार-बार नोटिस देने की धमकियां मिल रही है।
मानसून से पहले हो तैयारी
मांडलगढ़ विधायक विवेक धाकड़ ने बताया कि हर बार मानसून के बाद ही सरकारी विभाग जागते हैं। जबकि सार्वजनिक निर्माण विभाग, शिक्षा विभाग, बिजली विभाग को पहले तैयारी करनी चाहिए। इसके बावजूद ये लोग अब तक पूरा काम नहीं कर सके हैं।
कलक्टर ने किया अफसरों का बचाव बैठक में जिला कलक्टर शुचि त्यागी ने अफसरों का बचाव किया। कलक्टर ने हर मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए सबको संतोषजक जवाब दिया। वहीं अधिकारियों को ढंग से काम करने की नसीहत भी दी।