महात्मा गांधी अस्पताल में रविवार को दो साल की बालिका के अपहरण की घटना टल गई
भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी अस्पताल में रविवार को दो साल की बालिका के अपहरण की घटना टल गई। एनवक्त पर बालिका के चिल्लाने से युवक कामयाब नहीं हुआ। लोगों ने युवक को बालिका के अपहरण की आशंका पर पकड़ कर जमकर धुनाई कर दी। उसे बाद में अस्पताल चौकी पुलिस को सौपा। पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जिस समय घटना हुई। पीडि़ता की मां वार्ड में सफाई कर रही थी।
सहायक उपनिरीक्षक भंवरसिंह ने बताया कि शहर में रहने वाली महिला महात्मा गांधी अस्पताल में कर्मचारी है। दोपहर में मेल मेडिकल वार्ड की सफाई कर रही थी व दो साल की पुत्री वार्ड के बाहर खेल रही थी। तभी वहां से गुजरा युवक बच्ची को ले जाने लगा। बच्ची को गोद में उठाते ही वह रोने लगी। रोने की आवाज सुनकर मां और अन्य लोगों की नजर उस पर पड़ी। यह देखकर लोग दौड़े तो युवक बालिका को छोड़कर भागने लगा। लोगों ने उसे पकड़ लिया व जमकर धुनाई कर दी। उसे बाद में अस्पताल चौकी पुलिस को सौंपा। पूछताछ में नाम सुल्तानगढ़ (बनेड़ा) निवासी कालूसिंह बताया। उसनेबताया कि वह अस्पताल में दिखाने आया था। वहां से गुजर रहा था कि ठल्ला लगने से बच्ची गिर गई। उसे उठाने का प्रयास किया। पुलिस ने कालू को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
सरपंच समेत आठ पर दलित की जमीन हड़पने का आरोप
बागोर. बागोर के सरपंच समेत आठ जनों के खिलाफ दलित की जमीन हड़पने, उससे मारपीट व जातिगत अपमान का मामला थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस जांच कर रही है। माण्डल पुलिस उपाधीक्षक चंचल मिश्रा के अनुसार ललिता सरगरा ने मामला दर्ज कराया कि लेसवा रोड स्थित पंचायत के आगे उसके कब्जाशुद्धा भूखण्ड है। वह वर्ष-2013 से काबिज है। 18 मई को बागोर सरपंच ज्योति देवपुरा, पति दीपेश देवपुरा एवं उपसरपंच सम्पलाल आचार्य, गोपालदास वैष्णव, पन्नालाल गाडरी समेत कुछ लोग वहां पहुंचे।
परिवादी और उसके परिवार को भूखण्ड से बेदखल करने की मंशा से जातिगत अपमानित कर मारपीट की। आरोपितों ने एक्सक्वेटर मशीन मंगवा कर भूखण्ड के कोट को गिरा दिया। मौके पर नींव खोदकर अवैध निर्माण करवाया जा रहा है। इस सम्बंध में बागोर थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इस पर पुलिस उपाधीक्षक के समक्ष परिवार पेश हुआ।