
Rajasthan Civic Elections Barebandi: भीलवाड़ा: राजस्थान की सियासत में बाड़ेबंदी (रिसॉर्ट पॉलिटिक्स) का सियासी खेल एक बार फिर पूरे शबाब पर है। क्रॉस वोटिंग और संभावित सेंधमारी के डर से नगर निगम के बीजेपी के 70 प्रत्याशियों को जयपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर एक गुप्त और बेहद सुरक्षित ठिकाने पर रखा गया है। कड़े पहरे और सियासी तनाव के बीच रिसॉर्ट के अंदर प्रत्याशियों के मनोरंजन और आराम का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
बाहरी दुनिया से पूरी तरह कटे प्रत्याशी दिन की शुरुआत भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक चर्चाओं से कर रहे हैं। इसके बाद दिनभर कैरम बोर्ड पर गोटियां बैठाने और स्वीमिंग पूल में डुबकी लगाकर चुनावी थकान मिटाने का दौर चल रहा है। नतीजे आने तक इस शाही बाड़ेबंदी में भक्ति, खेल और सियासी लुकाछिपी का यह दौर यूं ही जारी रहने की उम्मीद है। महिला प्रत्याशी आपसी बातचीत में दिनभर समय व्यस्त कर रही हैं। मतगणना पूरी होते ही इन प्रत्याशियों को किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट करने की भी तैयारी है।
बाड़ेबंदी के भीतर गोपनीयता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है। कुछ प्रमुख लोगों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर रखे गए हैं, ताकि अंदर की कोई खबर या गोपनीय रणनीति बाहर न लीक हो सके। यह लोग भी बेहद तोल-मोल कर और सतर्कता के साथ बात कर रहे हैं। यही सख्त पहरा जिले की अन्य नगर पालिकाओं के प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी में भी देखने को मिल रहा है। इस कड़ी किलेबंदी के बीच राजनीतिक गुणा-भाग और हार-जीत के दावे भी चल रहे हैं।
प्रत्याशियों को ठहराने के लिए जयपुर-सिरोही मार्ग पर स्थित एक रिसॉर्ट चुना गया है। सुरक्षा का आलम यह है कि रिसॉर्ट की ऊंची दीवारों पर लोहे की जालीदार बाड़ लगाई गई है, ताकि अंदर की हलचल का बाहर पता ना चल सके। प्रत्याशियों से लेकर प्रबंधकों तक के मोबाइल फोन जमा करवाकर उनकी अटैची में रखवा दिए गए हैं।
यदि किसी को बेहद जरूरी बात करनी भी पड़े, तो वह किसी अन्य कार्यकर्ता की मौजूदगी में ही बात कर सकता है। उधर, नगर निगम के साथ जिले की 10 नगर पालिका में चुनाव के बाद शनिवार को कांग्रेस और भाजपा प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी में ले जाया गया है।