दुपहिया वाहन पर सवार दम्पती पर बंदर झपट्टा पड़ा और महिला को काट कर लहूलुहान कर दिया
भीलवाड़ा।
दुपहिया वाहन पर सवार दम्पती पर बंदर झपट्टा पड़ा और महिला को काट कर लहूलुहान कर दिया। उसे दस टांके आए। इसी प्रकार एक दर्जन लोगों पर ये बंदर अभी तक हमला कर चिकित्सालय पहुंचा चुका है। इसी बंदर ने अजमेर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता केएस सिसोदिया के साथ ही एवीएनएल कॉलोनी में रह रहे परिवारों की मुसीबतें बढ़ा रखी है। वन विभाग को शिकायत किए जाने के बावजूद परशुराम सर्किल (जेल चौराहा) क्षेत्र में बंदर के आंतक से मुक्ति नहीं मिल सकी।
आजादनगर के डी सेक्टर निवासी ओमप्रकाश माहेश्वरी पत्नी सुशीला के साथ शाम को दुपहिया वाहन से घर आ रहे थे कि कृषि उपज मंडी के समीप परशुराम सर्किल पर बंदर ने हमला कर दिया। दम्पती संभल पाते, इससे पहले बंदर ने सुशीला को काट लिया। हल्ला मचने पर लोग एकत्रित हो गए। लहूलुहान महिला को चिकित्सालय ले गए, जहां दस टांके आए।
सर्किल पर मटका बेच रही महिला पर एक माह में मंगलवार को बंदर ने दूसरी बार हमला किदया। उसे परिजन चिकित्सालय ले गए। इसी प्रकार एवीएनएल गेट पर बंदर गार्ड पर झपट्ट पड़ा और लहूलुहान कर दिया। राह से गुजरने वाले एक दर्जन लोगों को ये बंदर जख्मी कर चुका है।
अधीक्षण अभियंता सिसोदिया के साथ एवीएनएल कॉलोनी के कई परिवार बंदर के आंतक से दहशत में है। परिजन बताते है कि चैनल गेट या बाहरी कक्ष खुला देखते ही ये बंदर भीतर घुस आता है और उत्पात मचाता है, इससे उनका जीना दुश्वार हो रहा है। नगर परिषद, वन विभाग के साथ ही विभिन्न संगठनों को पीडि़त लोग शिकायत कर चुके है, लेकिन अभी तक बंदर के आंतक से मुक्ति नहीं मिल सकी। पीडि़त व्यक्ति को रेबीज के पांच इंजेक्शन लगवाने पड़ते हैं तथा पांच से दस स्टिच भी आते है। घाव ठीक होने में दो माह तक का वक्त लग
जाता है।