
भीलवाड़ा।
फरियाद लेकर अब दूर के थाने जाने की जरूरत नहीं। नजदीक थाने से ही गांव और इलाका जुड़े जाएगा। इससे लोगों को जल्द ही पुलिस सहायता उपलब्ध नहीं होगी, बल्कि अपराधियों पर भी लगाम कसा जाएगा। कौन से थाने से कौन सा गांव और इलाका दूर पड़ रहा और उसका नजदीक थाना कौन सा हो सकता है। मंथन में पुलिस महकमा जुट गया है।
पुलिस मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद इस तरह की नई कवायद में भीलवाड़ा पुलिस भी जुट गई है। तैयार की जा रही रिपोर्ट को जल्द पुलिस मुख्यालय भेजा जाएगा। वहां मंजूरी के बाद फरियादी को राहत मिल जाएगी। 27 जून को गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में जयपुर पुलिस मुख्यालय में हाई लेवल की बैठक हुई। सरकार ने प्रदेश में थानों की दूरियों से हो रही आमजन को परेशानी पर मंथन किया। मंथन के बाद निचोड़ निकल कर आया कि किसी गांव की थाने से दूरी अधिक है।
जबकि उसके नजदीक दूसरा थाना पड़ता है। एेसे में उस गांव को नजदीक थाने से जोडऩे की जरूरत है। बैठक के बाद प्रदेश के सभी पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षकों को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (पुनर्गठन) ने पत्र लिख फिर से दूरियों को लेकर होकर परेशानी पर मंथन करने को कहा। उसकी रिपोर्ट बनाकर तीन दिन के भीतर मुख्यालय भेजने को कहा ताकि अग्रिम कार्रवाई की जा सकें।
सरहद को लेकर माथापच्ची होगी खत्म
वर्तमान में सीमा विवाद में थाना पुलिस उलझी हुई है। एक थाना पुलिस दूसरे थाने का क्षेत्राधिकार बताकर फरियादी को इधर से उधर घूमाते रहते है। एेसे में कई बार विवाद सुलझने तक काफी देर हो जाती है और अपराधी बच निकलता है। इस नई कवायद से सीमा विवाद खत्म हो जाएगा।
पुलिस मुख्यालय से थाने से गांव की दूरी को लेकर निर्देश मिले है। नजदीक थाना कौनसा हो सकता है, इसकी रिपोर्ट बना रहे हैं।
पारस जैन, एएसपी भीलवाड़ा