राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से पुलिसकर्मी के बहादुरी की खबर सामने आई है, जहां सोमवार देर रात पुलिस की सजगता से ज्वैलर्स की दुकान में चोरी की बड़ी वारदात टल गई। गश्त के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। घायल एएसआई कैलाश प्रजापत के कान के पास 13 टांके आए हैं, लेकिन उन्होंने लुटेरे पर पकड़ ढीली नहीं की।

भीलवाड़ा। जिले के कोटड़ी कस्बे में रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात एक बड़ी आपराधिक वारदात को पुलिस की सतर्कता ने नाकाम कर दिया। ज्वेलर्स की दुकान में सेंध लगाने पहुंचे बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद जांबाज एएसआई ने एक आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और पकड़ नहीं छोड़ी।
घटना रात करीब 1 बजकर 35 मिनट की है, जब एएसआई कैलाश प्रजापत और कांस्टेबल बनवारी लाल नियमित गश्त पर थे। कोटड़ी मुख्य बाजार उस समय पूरी तरह सुनसान था। पुलिस वाहन जैसे ही पुराने बस स्टैंड के पास पहुंचा, टीम को एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया जो पुलिस को देखते ही भागने लगा। एएसआई प्रजापत ने तुरंत स्थिति को भांपते हुए कांस्टेबल को घेराबंदी के निर्देश दिए और खुद वाहन से पीछा शुरू कर दिया।
कुछ ही पलों में पुलिस टीम ने देखा कि तीन बदमाश श्रीनाथ ऑर्नामेंट्स ज्वेलर्स की दुकान का शटर तोड़कर चोरी की कोशिश कर रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एएसआई प्रजापत बिना समय गंवाए सीधे बदमाशों की ओर दौड़े और एक आरोपी को पकड़ लिया।
लेकिन इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस पर हमला कर दिया। उन्होंने गुलेल और पत्थरों से पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। इसी हमले में एक भारी पत्थर एएसआई के कान के पास जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उनके कान पर गहरा घाव हो गया। बाद में डॉक्टरों को 13 टांके लगाने पड़े। खून बहने और तेज दर्द के बावजूद एएसआई ने आरोपी को नहीं छोड़ा और अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
हमले की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी महावीर मीणा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को आता देख तीन बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि पकड़ा गया आरोपी आशीष पुलिस के कब्जे में आ गया।
पुलिस ने मौके से दो मोटरसाइकिल, गुलेल, सरिए और शटर तोड़ने के औजार बरामद किए हैं। घायल एएसआई को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस अधीक्षक सागर राणा ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर मध्य प्रदेश रवाना की हैं।
इस घटना के बाद भीलवाड़ा समेत प्रदेशभर में एएसआई कैलाश प्रजापत की बहादुरी की चर्चा हो रही है, जिन्होंने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अपराधी को भागने नहीं दिया और एक बड़ी चोरी की वारदात को विफल कर दिया।