
Rajasthan Police News: राजस्थान के ब्यावर जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक थानेदार साहब ने न केवल कानून की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि चोरी के आरोपियों को पकड़ने के बजाय उन्हें 'शांतिभंग' की मामूली धाराओं में पाबंद कर छोड़ दिया। हद तो तब हो गई जब सबूत लेकर आए पीड़ित दुकानदार को ही धमकाते हुए हवालात की हवा खिला दी। अब इस पूरे प्रकरण में ब्यावर एसपी रतन सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन बदनौर थाना SHO महादेव प्रसाद को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
पूरा मामला किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं है। 27 जनवरी की रात करीब 3 बजे नेशनल हाईवे-158 पर स्थित सुरेश साहू के सुपर मार्केट में चार बदमाश शटर तोड़कर चोरी की कोशिश कर रहे थे। गनीमत रही कि भीलवाड़ा जिले की आसींद थाना पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। चूंकि इलाका बदनौर (ब्यावर) थाना क्षेत्र का था, इसलिए आसींद पुलिस ने चारों चोरों को आगे की कार्रवाई के लिए बदनौर SHO महादेव प्रसाद के हवाले कर दिया।
आमतौर पर पुलिस चोरों से सच उगलवाती है, लेकिन यहाँ कहानी उल्टी थी। पीड़ित दुकानदार सुरेश साहू जब अपनी दुकान के सीसीटीवी फुटेज लेकर थाने पहुंचा, जिसमें आरोपी ताला तोड़ते साफ दिख रहे थे, तो पुलिस ने सहयोग करने के बजाय दुकानदार को ही डराना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुलिस ने सीसीटीवी की डिस्क से सबूत मिटा दिए और जब दुकानदार ने विरोध किया तो उसे यह कहकर हवालात में डाल दिया— "तू पुलिस को सिखाएगा क्या?"
SHO ने बड़ी चोरी के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय 4 दिन बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और पकड़े गए आरोपियों को मामूली कार्रवाई कर घर भेज दिया। यह मामला जब आला अधिकारियों तक पहुंचा और डीजीपी स्तर से फटकार पड़ी, तो एसपी रतन सिंह एक्शन में आए। पहले SHO को लाइन हाजिर किया गया और सोमवार शाम उन्हें सस्पेंड कर पुलिस लाइन भेज दिया गया।
खास बात यह है कि जिन चोरों को पुलिस ने अपने हाथों से छोड़ दिया था, अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन्हीं की पहचान कर फिर से तलाश की जा रही है। एक लापरवाह अफसर की वजह से पुलिस को अब दोहरी मशक्कत करनी पड़ रही है। विभाग ने SHO के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।