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भीलवाड़ा।
सलाखों के पीछे बंद भाइयों के हाथों में स्नेह का धागा बांधने पहुंची कई बहनें सामने भाई को देख आंसू के सैलाब को नहीं रोक पाई। राखी बांधते-बांधते उनके आंखों से आंसू निकल गए। जिला कारागार में बंद बंदियों को राखी बंधवाने के लिए जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की थी। राखी, नारियल, और मिठाई लेकर सजी-धजी बहनों का जिला कारागार पहुंचाने का सिलसिला शुरू हो गया।
जेल उपाधीक्षक के चैम्बर में बंदी भाइयों को एक-एक कर जेल के अंदर से राखी बंधवाई गई। इस दौरान बहनें चैम्बर के अंदर बनी खिड़की से भाई को राखी बांधकर उनका मुंह मीठा कर रही थी। भाई की एक झलक देखने के लिए बहनों की लम्बी कतार रही। इंतजार के बाद सामने भाई को देखकर वह खुश हो गई। कई महिलाएं दूर-दराज से भी आई थी।
भाई की कलाई सजाते ही बही अश्रुधारा
विभिन्न मामलों में जेल में सजा काट कर रहे भाइयों के राखियां बांधने पहुंची बहनों ने ज्योंही भाई की कलाई सजाई अश्रुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां तक की देखने वाले भी अपने आशुओं को नहीं रोक पाए। बहनों ने अपने भाई की सलामती व लंबी उम्र की कामना की।
उप कारागृह में बंद भाइयों को बांधी राखी
मांडलगढ़ रक्षाबंधन पर्व पर उप कारागृह में बंद भाइयों की कलाई पर भी राखी बांधने के लिए दूर दराज से बहनें उप कारागृह पहुंची और रक्षा सूत्र बांधकर पूजा की। उप कारागृह प्रभारी गोपाल पाराशर ने बताया कि रक्षा बंधन के अवसर पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधने आइ्र बहनों को पूजा की थाली औरजिन बंदियों की बहनें नहीं पहुंच सकी उन बंदियों के लिए भी राखियां उपलब्ध करवा कर राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। दिन खाने में मिठाई का प्रबंध कर बंदियों के साथ त्योहार मनाया।