भीलवाड़ा

RBSE 10th Result: पिता के निधन के बाद भी नहीं हारी हिम्मत, भीलवाड़ा के ईश्वर जाट ने 98% अंकों के साथ गाड़े सफलता के झंडे, अब IAS बनने का है सपना

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने मंगलवार को 10वीं के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इन नतीजों में सफलता की कई कहानियां छिपी हैं, लेकिन भीलवाड़ा जिले के एक छोटे से गांव के बेटे ने जो कर दिखाया है, उसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है। पिता के साये के बिना, संघर्षों की आंच में तपकर कुंदन बने इस छात्र की कहानी आज हर राजस्थानी के लिए प्रेरणा है।

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं परीक्षा में इस साल भीलवाड़ा जिले के रायपुर विधानसभा क्षेत्र के एक छोटे से गांव नया खेड़ा (लाखोला) के होनहार ईश्वर जाट ने प्रदेश की मेरिट सूची में अपनी चमक बिखेरी है। 600 में से 588 अंक (98%) हासिल कर ईश्वर ने न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे जिले का मान बढ़ाया है। यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि ईश्वर ने यह मुकाम दो साल पहले अपने पिता को खोने के बाद, भारी मानसिक दबाव और आर्थिक संघर्षों के बीच हासिल किया है।

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संघर्षों की जीत: पिता का साया उठा, पर हौसला नहीं टूटा

'पत्रिका' से बातचीत में ईश्वर जाट ने बताया कि पिता नारू लाल जाट पेशे से व्यापारी थे, जिनका दो साल पहले आकस्मिक निधन हो गया था। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा, लेकिन अपनी मां और बड़ी बहन की आंखों में छिपे सपनों को अपनी ताकत बनाया। मां गृहिणी हैं और बड़ी बहन वर्तमान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। घर की स्थिति को समझते हुए ईश्वर ने तय किया कि वे अपनी मेहनत से पिता को सच्ची श्रद्धांजलि देंगे।

हॉस्टल की तपस्या और 100/100 का जादू

ईश्वर का परीक्षा परिणाम

ईश्वर ने टैगोर इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की। घर से दूर रहकर उन्होंने दिन-रात एक कर दिया। उनकी मेहनत का अंदाजा उनके विषयवार अंकों से लगाया जा सकता है:

  • अंग्रेजी: 100 में से 100 अंक
  • संस्कृत: 99
  • सामाजिक विज्ञान: 99
  • विज्ञान : 98
  • गणित : 98
  • हिंदी: 94 विशेष रूप से अंग्रेजी जैसे विषय में पूरे अंक लाना उनकी अद्भुत प्रतिभा को दर्शाता है।
मां और बहन के साथ 'टॉपर' ईश्वर

अगला लक्ष्य: 'साइंस-मैथ्स' और फिर दिल्ली का सफर

'पत्रिका' से विशेष बातचीत में ईश्वर ने अपने भविष्य के रोडमैप का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे आगे साइंस-मैथ्स विषय लेकर अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे। लेकिन उनका अंतिम लक्ष्य इंजीनियरिंग नहीं, बल्कि देश की सबसे प्रतिष्ठित UPSC परीक्षा पास कर एक IAS अफसर बनना है। वे समाज के वंचित तबके के लिए काम करना चाहते हैं।

नया खेड़ा में दिवाली जैसा माहौल

जैसे ही ईश्वर के 98% अंक आने की सूचना गांव पहुंची, पूरे नया खेड़ा और लाखोला क्षेत्र में जश्न शुरू हो गया। परिजनों, पड़ोसियों और परिचितों का ईश्वर के घर पर तांता लगा हुआ है। मिठाई खिलाकर और साफा पहनाकर इस होनहार का स्वागत किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ईश्वर ने साबित कर दिया कि अगर लगन सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।

भीलवाड़ा के शिक्षा मॉडल की सफलता

ईश्वर की इस बड़ी उपलब्धि ने भीलवाड़ा जिले के शैक्षणिक स्तर को भी नई ऊंचाई दी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी ईश्वर को बधाई देते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश की प्रतिभाएं जब इस तरह का प्रदर्शन करती हैं, तो यह प्रदेश के 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।

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Updated on:
24 Mar 2026 05:19 pm
Published on:
24 Mar 2026 04:09 pm
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