भीलवाड़ा

शहादत को सलाम: सीने को चीरती गोली, थमती सांसें और लहूलुहान शरीर…फिर भी आखिरी दुश्मन ढेर कर दीवार बने रहे शहीद ओमप्रकाश

Shahadat Ko Salam: करगिल युद्ध के अंतिम चरण में अनंतनाग की पहाड़ियों पर देश के लिए जान न्योछावर करने वाले शहीद ओमप्रकाश परिहार की शहादत आज भी गाडोली की माटी में जीवित है। ऑपरेशन विजय में वीरगति पाने वाले ओमप्रकाश को राजस्थान पत्रिका के शहादत को सलाम अभियान के तहत श्रद्धांजलि दी गई।

2 min read
Jan 21, 2026
जहाजपुर में शहीद की वीरांगना का सम्मान करते हुए (फोटो- पत्रिका)

Shahadat Ko Salam: जहाजपुर (भीलवाड़ा): जब-जब भारत माता की आन-बान और शान पर कोई आंच आई है, भीलवाड़ा जिले के बेटों ने अपने रक्त से विजय का तिलक लगाया है। जहाजपुर तहसील के गाडोली निवासी शहीद ओमप्रकाश परिहार के बलिदान को भी कभी भुलाया नहीं जाएगा।

करगिल युद्ध के अंतिम चरण में जब घुसपैठियों ने पीछे से वार किया तो ओमप्रकाश परिहार अभेद्य दीवार बनकर डटे रहे। ऑपरेशन विजय के दौरान चार दिसंबर 2000 को अनंतनाग की पहाड़ियों पर दुश्मन की एक गोली उनके सीने को चीरती हुई निकल गई। सांसें थम रही थीं, शरीर रक्त रंजित था, लेकिन देशभक्ति का जज्बा इतना प्रबल था कि उन्होंने अंतिम घुसपैठिए को मौत के घाट उतार कर ही दम लिया।

ये भी पढ़ें

शहादत को सलाम: बाड़मेर के पहले शौर्य चक्र विजेता शहीद धर्माराम जाट की वीर गाथा, गोली लगने पर भी नहीं झुके, 2 आतंकियों को किया ढेर

ओमप्रकाश परिहार की ये शहादत इलाके के लोगों के जहन में आज भी मौजूद है। वहीं, वीरांगना मोहनी देवी मीणा का कहना है कि शहादत को 25 साल बीत गए। लेकिन सरकार ने न तो शहीद स्मारक बनवाया और न ही शहीद की प्रतिमा लगवाई।

शहादत की गवाह गाडोली की माटी

जहाजपुर का इतिहास सेना के शूरवीरों और शहादत के नाम समर्पित है। गाडोली कस्बा तो वीरता की एक जीवंत पाठशाला बन चुका है। क्षेत्र के अन्य जांबाजों ने भी सीमा पर वीरता का लोहा मनवाया है। टीकड़ के शिवराम सिंह ने 30 अगस्त 1998 को राजौरी में वीरगति प्राप्त की।

जयराम मीणा ने 9 जुलाई 1998 को राजौरी क्षेत्र में मां भारती के लिए शहीद हुए। जुगराज मीणा (टीकड़), रमेश मीणा (सरसिया) और रतन सिंह मीणा (छाजेला का खेड़ा) जैसे वीरों की शहादत आज भी क्षेत्र के युवाओं के रगों में देशभक्ति का संचार करती है।

पत्रिका की ओर से किया सम्मान

राजस्थान पत्रिका के शहादत को सलाम अभियान के तहत जहाजपुर में वीरांगना मोहनी देवी मीणा का सम्मान किया गया। विधायक गोपीचंद मीणा, पालिका अध्यक्ष नरेश मीणा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, डीएसपी रेवड़मल मौर्य, प्रधान प्रतिनिधि किशोर कुमार शर्मा, भाजपा नगर अध्यक्ष महेंद्र खटीक, पत्रिका भीलवाड़ा संस्करण के सम्पादकीय प्रभारी अनिल सिंह चौहान, महावीर पुरी आदि मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें

शहादत को सलाम: राजस्थान के उस शहीद की कहानी…जिनके नाम से छूटते थे आतंकियों के पसीने, मारने के लिए रखा लाखों का इनाम

Updated on:
21 Jan 2026 12:40 pm
Published on:
21 Jan 2026 09:36 am
Also Read
View All

अगली खबर