जिला परिषद ने जिले में 108 स्मार्ट विलेज चुने लेकिन इनमें विकास के लिए विशेष बजट आवंटित नहीं किया
भीलवाड़ा ।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017-18 में बजट घोषणा पर अमल करते जिला परिषद ने जिले में 108 स्मार्ट विलेज चुने लेकिन इनमें विकास के लिए विशेष बजट आवंटित नहीं किया। लिहाजा यह नाम के स्मार्ट विलेज रह गए।तीन हजार से अधिक आबादी वाले इन गांवों के लिए जिला परिषद ने लाखों रुपए के प्रस्ताव तैयार किए। लेकिन बजट नहीं है। ऐसे में पंचायत समितियों को ही विभिन्न मदों से मिलने वाले बजट के आधार पर की विकास कराए जाने है।
यहां इतने स्मार्ट विलेज
आसीन्द के 14, हुरड़ा के 9, शाहपुरा 9, बनेड़ा 7, जहाजपुर 10, माण्डल 12, रायपुर 6, सहाड़ा 5, सुवाणा 13, कोटड़ी 6, माण्डलगढ़ के 13 गांव।
यह काम होने थे
जल निकास प्रबंधन नालियां व सोखते गड्ढे, पक्की गलियां। हर गांव में दो लाख रुपए की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण। सार्वजनिक पार्क व खेल मैदान विद ओपन जिम। चरागाह विकास के लिए खाई, मिट्टी की चारदीवारी निर्माण। ग्रामीण गौरव पथ एवं मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था, एलईडी लाइट या सोलर लाइट का प्रबंधन। गांवों में नियमित स्वच्छता, सफाई कर्मी एवं कचरा परिवहन के लिए किराए के ट्रैक्टर-ट्रॉली या रिक्शे की व्यवस्था। दो मुख्य मार्गों को स्वराज मार्ग।
मनरेगा में केटेगिरी बी के कार्य खेत समतलीकरण, खेत तलाई, फलदार, पौधारोपण, फार्म पौंड, कैटलशैड, वर्मी कंपोस्ट पिट। ई-पुस्तकालय और नॉलेज सेंटर। वाई-फाई की सुविधा अटल सेवा केंद्र व ग्राम के मुख्य स्थान पर। सीनियर सैकंडरी स्कूल, प्राथमिक उपस्वास्थ केंद्र, पशु चिकित्सा केंद्र। दुग्ध उत्पादक समितियों का गठन, स्वच्छ पेयजल सुविधा, अन्न भंडार गृह। प्रधानमंत्री आवास योजना व ग्रामीण,आदर्श तालाब व नदी के किनारे पर सामुहिक स्नानागार सुविधा। यह सभी काम अपने-अपने विभागों के माध्यम से होंगे।
शौचालय में पिछड़ा प्रदेश
कलक्टर व जिला परिषद अधिकारियों की हुई वीडियों क्रांफे्रस से राजस्थान में सामुदायिक शौचालय के निर्माण नहीं होने से राज्य के कुछ अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। जिले में भी सामुदायिक शौचालयों का निर्माण की संख्या न के बराबर है।
गौरतलब है कि जिले में कई पंचायत समितियों में लोगों ने शौचालय बनाए हैं, लेकिन उनका उपयोग नहीं किया जा रहा। ये शौचालय कहीं चारा रखने के काम आ रहे हैं तो कहीं अन्य घरेलू सामान रखा जा रहा है।
शौचालयों के कारण नहीं बने सामुदायिक शौचालय
स्मार्ट विलेज में सामान्य कार्य हो रहे हैं। सामुदायिक शौचालय हर गांव में नहीं बने क्योंकि अब हर घर में शौचालय बन गए। इसके स्थान पर अन्य कार्य करवा रहे है। स्मार्ट विलेज के लिए अलग बजट नहीं दिया। विभाग के मिलने बजट से ही काम करवा रहे है। सरपंच गांव में अन्य निर्माण करवाना चाहते हैं।
लक्ष्मीदेवी साहू, प्रधान पंचायत समिति आसीन्द