स्थायी लोक अदालत ने महात्मा गांधी अस्पताल के दो चिकित्‍सकों को इलाज में लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए जुर्माना लगाया
भीलवाड़ा।
स्थायी लोक अदालत ने महात्मा गांधी अस्पताल की पूर्व गायनिक डॉ. कविता अग्रवाल और पूर्व रेडियोलॉजिस्ट डॉ. केएल पोरवाल को महिला के इलाज में लापरवाही बरतने का दोषी मानते हुए 25-25 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। लोक अदालत अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा व सदस्य प्रहलादराय व्यास व वंदना चौखड़ा ने निर्णय सुनाया कि चिकित्सकों ने बिना सोनोग्राफी देखे महिला का बेवजह ऑपरेशन कर दिया था।
विजयसिंह पथिकनगर निवासी सुमित्रा असावा ने अधिवक्ता मुकेश जैन के मार्फत अदालत में क्षतिपूर्ति का परिवाद लगाया। इसमें कहा, 4 जुलाई 2010 की रात को पेट दर्द की शिकायत पर सुमित्रा को महात्मा गांधी अस्पताल ले गए,जहां आपातकालीन सेवा में डॉ. सुबोध जैन ने भर्ती कर लिया। डॉ. डीएल काष्ट को कॉल किया। परीक्षण के बाद काष्ट ने गायनिक बीमारी की आशंका जताई व गाइनेकॉलोजिस्ट को कॉल भेजी। गायनिक डॉ. कविता अग्रवाल को बुलाया गया। अग्रवाल ने जांच के बाद सुमित्रा को गाइनी सम्बंधी कोई बीमारी नहीं बताई।
डॉ. काष्ट ने सोनोग्राफी की सलाह दी। इस पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. केएल पोरवाल ने सोनोग्राफी की। इसमें प्रेंगेन्सी बताई। रिपोर्ट डॉ. सुबोध जैन को दिखाई। उन्होंने ऑपरेशन की सलाह दी। गायनिक डॉ. अग्रवाल ने लापरवाही बरतते बिना अन्य जांच किए सोनोग्राफी की रिपोर्ट देखे बिना परिवादी का ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन में प्रेंगेन्सी सामने नहीं आई। इससे बिना वजह परिवादी का ऑपरेशन हुआ।
दवा लेने आया प्रौढ़ गश खाकर गिरा, सदिग्ध हालात में हुई मौत
भीलवाड़ा. शहर के अजमेर चौराहे पर गुरुवार को प्रौढ़ गश खाकर गिर गया। उसे महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। उसकी मौत गर्मी या हृदयघात से हो सकती है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों का पता लगेगा।
जानकारी के अनुसार कासोरिया (रायला) निवासी हाथीराम गुर्जर गांव से दवा लेने के लिए भीलवाड़ा आया था यहां अजमेर चौराहे पर अचानक गश खाकर गिर गया। आसपास के लोगों ने उसे संभालते हुए १०८ एम्बुलेंस से एमजीएच पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया।