भीलवाड़ा

लापरवाही की आग में झुलस रहे पेट्रोल पम्प, मोबाइल का बेरोकटोक उपयोग

यह नियम है लेकिन इनकी पालना नहीं होती है

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Unstoppable use of mobile in bhilwara

भीलवाड़ा ।
यदि आप पेट्रोल पंप पर जाए तो मोबाइल पर बात नहीं करें। वहां गाड़ी भी बंद रखे। यह नियम है लेकिन इनकी पालना नहीं होती है। एेसे में खुद की सुरक्षा के लिए सजग रहना पड़ेगा। तीन दिन पहले भी शहर के अण्डरब्रिज के निकट पेट्रोल भराते समय वैन में आग लग गई। गनीमत रहा कि पम्पकर्मी व वैन चालक की सजगता से हादसा टल गया।

राजस्थान पत्रिका टीम ने शहर के पेट्रोल पंपों का बुधवार को जायजा लिया तो लापरवाही सामने आई। इसमें सामने आया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के जो नियम बने है उनकी पालना नहीं की जा रही। प्रचण्ड गर्मी के बावजूद नियमों को ताक में रखकर लापरवाही बरती जा रही। सुविधाएं तक नहीं दे रहे
नियम के मुताबिक पेट्रोल पम्पों पर उपभोक्ता को कुल नौ सुविधाएं दी जानी चाहिए।

इनमें फिल्टर पेपर (तेल की शुद्धता जानने के लिए), फ्री रेडियटर वाटर (कार में डाला जाता है), लीटर मेजर, शौचालय, प्राथमिक उपचार पेटी, शिकायत पुस्तिका, टेलीफोन, हवा और शीतल पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए। फिर भी पम्प संचालक लापरवाही बरतते है। सभी सुविधाओं का टेक्स इसमें सम्मिलित होता है।


मोबाइल पर बात करते भराते हैं पेट्रोल
नियम के अनुसार पम्प पर मोबाइल निषेध है। हालात यह है कि वाहन चालक पेट्रोल भराते समय कॉल आने पर बेफिक्र होकर बात करते है। इनको टोकने की पम्प कर्मचारी जरूरत ही नहीं समझते। यहां तक खुद कर्मचारी भी पम्प परिसर में ही मोबाइल पर बात करते हुए देखे जा कसते है। इसके अलावा वाहन चालू करके भी पेट्रोल-डीजल भराया जाता है। जबकि वाहन बंद होना चाहिए।

रेत न पूरे अग्निशमन यंत्र
प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पम्पों पर आग ने तबाही मचा दी थी। पिछले साल कोटा में पम्प पर आग से करोड़ों का नुकसान हो गया था। यह नहीं जान सांसत में आ गई। भीलवाड़ा में पम्पों का दौरा किया तो कई पम्पों पर अग्निशमन की व्यवस्था सही नहीं पाई गई। बल्टियां तो रखी थी। इनमें अधिकांश में रेत ही नहीं भरी हुई थी। वहीं पूरे अग्निशमन यंत्र तक नहीं रखे थे।

यह नियम
- दस किलो के अग्निशमन यंत्र रखे जाए
- रेत से भरी बल्टियां रखी जाए
- पेट्रोल भराते समय मोबाइल पर बात नहीं की जाए
- पेट्रोल-डीजल से भरा टैंकर खाली होते समय पम्प पर संचालक बंद कर दिया जाए

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Published on:
03 May 2018 02:51 pm
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