सब कुछ ठीक रहा तो आगामी मानसून में इस बार शहर वासियों को अण्डर ब्रिज में भरने वाले पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी
भीलवाड़ा।
सब कुछ ठीक रहा तो आगामी मानसून में इस बार शहर वासियों को अण्डर ब्रिज में भरने वाले पानी की समस्या से निजात मिल जाएगी। शहर के तीनों अण्डर ब्रिज को प्लास्टिक शीट से कवर करने का काम चल रहा है। बरसात के पानी को ब्रिज में जाने से रोकने के लिए सड़क के दोनों और ट्रेंच व स्पीड ब्रेकर बनाए जा रहे है।
यह काम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भोपाल के आदेश पर जिन्दल सॉ लिमिटेड अपने सीएसआर फण्ड से कर रहा है। इन तीनों रेलवे अण्डर ब्रिज के निर्माण पर लगभग ढाई करोड़ रुपए व्यय होंगे। जिन्दल सॉ के लाइजन हैड राजेन्द्र गौड़ ने बताया कि एनजीटी ने 11 सितम्बर 2017 को शहर के तीनों रेलवे अण्डर ब्रिज से पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था करने का आदेश दिया था।
इसके तहत कोटा की तर्ज पर भीलवाड़ा में रामधाम, साबुन मार्ग तथा पुलिस लाइन रेलवे अण्डर ब्रिज पर प्लास्टिक शीट की छत बनाई जाएगी, ताकि बरसात का पानी अण्डर ब्रिज तक नहीं जाए। ब्रिज को कवर करने लिए 30 टन लोहे के पिल्लर खड़े किए जा रहे है। इसके उपर प्लास्टिक के चद्दर लगाए जाएंगे। इसका पानी सीधा नाले में जाएगा।
फिर भी अण्डर ब्रिज में पानी आता है तो ऑटोमेटिक पम्प लगाए जाएंगे, जो पानी को खींचकर नाले में डालेगा। बरसात के दिनों में यातायात सुगम बना रहे, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस बारे में हुई बैठक में नगर परिषद, नगर विकास न्यास, रेलवे सहित अन्य विभाग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया था। तीनों अण्डरब्रिज का काम डेढ़ से दो माह में पूरे हो जाएगा।