दो दिन में पहुंची 1200 बोरी आवक; 5300 से 6500 तक बिक रही फसल, फरवरी से आएगी तेजी कृषि उपज मंडी में नई फसल की आवक के साथ ही रौनक लौट आई है। साल की शुरुआत के साथ ही मंडी में ‘पीले सोने’ यानी नई सरसों की आवक शुरू हो गई है। पिछले दो दिनों […]
दो दिन में पहुंची 1200 बोरी आवक; 5300 से 6500 तक बिक रही फसल, फरवरी से आएगी तेजी
कृषि उपज मंडी में नई फसल की आवक के साथ ही रौनक लौट आई है। साल की शुरुआत के साथ ही मंडी में 'पीले सोने' यानी नई सरसों की आवक शुरू हो गई है। पिछले दो दिनों से लगातार सरसों की ढेरी लग रही है, जिससे व्यापारियों और किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वर्तमान में नमी और गुणवत्ता के आधार पर सरसों के भावों में बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
मंडी में आ रही नई सरसों में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण भावों में विविधता है। सूखी और उच्च गुणवत्ता वाली सरसों के दाम 6500 रुपए प्रति क्विंटल तक बोले जा रहे हैं, जबकि नमी वाली सरसों का न्यूनतम भाव 5300 रुपए प्रति क्विंटल तक रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जैसे-जैसे धूप खिलेगी और फसल में नमी कम होगी, औसत भावों में और स्थिरता आएगी।
मंडी व्यापारी शिव गगरानी ने बताया कि पिछले दो दिनों से मंडी में प्रतिदिन 500 से 600 बोरी सरसों पहुंच रही है। फिलहाल यह शुरुआत है, लेकिन फरवरी माह की शुरुआत के साथ ही खेतों में कटाई जोर पकड़ेगी और मंडी में आवक का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा।
भीलवाड़ा मंडी में आने वाली इस नई सरसों की मांग अभी से पड़ोसी जिलों और तेल मिलों के गढ़ में होने लगी है। यहां से सरसों के ट्रक सीधे जयपुर, केकड़ी, निवाई और मालपुरा स्थित बड़ी मिलों के लिए रवाना हो रहे हैं। नई फसल का तेल स्वाद और सुगंध में बेहतर होने के कारण मिलर्स इसे हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।