भिंड

किसानों को खाद के लिए अब नहीं लगाना पड़ेगी कतार,मिलेगा ई टोकन

किसानों को सुगमतापूवर्क उर्वरक प्राप्त करने कृषि विभाग ने ई विकास (वितरण एंव उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली व्यवस्था लागू की है। जिसमें किसान ई टोकन प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाइन खाद वितरण की व्यवस्था में खास बात यह है कि किसानों को दर्ज फसल और रकबे के अनुसार ही खाद की मात्रा उपलब्ध करवाई जाएगी।
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Apr 03, 2026
bhind news

भिण्ड. खाद प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में लगकर घंटों परेशान होने वाले किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। कृषि विभाग द्वारा अब किसानों को ऑनलाइन टोकन सिस्टम की सुविधा जारी की है। जिसके तहत किसान पोर्टल पर जाकर अपना टोकन प्राप्त कर डीलन का चयन कर सकते हैं। हाल ही में शुरू हुई खाद वितरण की इस नई व्यवस्था से 400 किसानों ने लाभ लिया है। वहीं किसानों को जागरूक करने के लिए अब कृषि विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया है, ताकि वे गांव-गांव जाकर अन्नदाताओं को इस योजना से खाद का उठाव करने के लिए समझाएं।


बता दे जिले के किसानों को सुगमतापूवर्क उर्वरक प्राप्त करने कृषि विभाग ने ई विकास (वितरण एंव उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली व्यवस्था लागू की है। जिसमें किसान ई टोकन प्राप्त कर सकेंगे। ऑनलाइन खाद वितरण की व्यवस्था में खास बात यह है कि किसानों को दर्ज फसल और रकबे के अनुसार ही खाद की मात्रा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस मात्रा के अनुसार ही बिना किसी झंझट के किसान सीधे डीलर से खाद का उठाव कर पाएंगे। किसानों को सबसे बड़ी राहत यह मिलेगी कि उन्हें लाइन में नहीं लगना पड़ेगा।

मैदानी अमले को प्रशिक्षण

किसानों को सुगमता से उर्वरक प्रदान करने के लिए मैदानी अमले को प्रशिक्षित दिया जा रहा है। इसके लिए जिले से 5 मास्टर ट्रेनर राज्य स्तर से प्रशिक्षित किए गए हैं। जिनके द्वारा विकासखण्ड स्तर पर पटवारी, सचिव, ग्राम पंचायत सहायक, कृषि विस्तार अधिकारी, डबल लॉक केन्द्र के प्रभारी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के सचिव आदि को प्रशिक्षित किया जा रहा है। किसानों को बताया गया है कि वे आधार कार्ड से अपना पोर्टल पर पंजीयन बुक कर सकते हैं। निकट भविष्य में इसी पोर्टल से खाद का उठाव भी कर सकेंगे।

इसलिए जरूरी नई व्यवस्था

यह प्रणाली किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया में पारदर्षिता, समयबद्धता और सुगमता प्रदान करने हेतु विकसित की गई है। हर साल पहले टोकन, फिर खाद के लिए किसानों को लंबी लाइनों में लगकर परेशान होना पड़ता था। लेकिन अब इस प्रणाली के तहत किसानों को पंजीयन के उपरांत उर्वरक प्राप्ति के लिये ई-टोकन जारी किया जा रहा है। इस टोकन में किसान का नाम, पंजीयन, पंजीयन क्रमांक, उर्वरक का प्रकार एवं मात्रा, वितरण केन्द्र, निर्धारित तिथि, समय अंकित होता है। टोकन एसएमएस, मोबाइल एप या वेव पोर्टल के माध्यम से किसानों द्वारा स्वंय प्राप्त किया जा सकता है और उस टोकन से किसान निर्धारित समय पर संबधित केन्द्र से उर्वरक प्राप्त कर सकता है।

नई योजना से जुडी महत्वपूर्ण बातें

प्रत्येक वितरण का डिजिटल रिकार्ड होगा।
उर्वरक सरकारी निगरानी में रहेगा।
किसानों को लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
ई-टोकन आधारित प्रणाली में विचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
कालाबाजारी पर रोक लगेगी, साथ ही समय बचेगा।
किसानों की उर्वरक मांग एवं आपूर्ति को समय पर पूरा किया जाएगा।

खाद के लिए किसानों को हर साल लंबी लाइनों में लगना पड़ता है। इस बार ऐसा नहीं होगा। किसानों की सुविधा को देखते हुए ई-विकास पोर्टल से सीधे टोकन बुक कर खाद प्राप्त कर सकेंगे।
पंकज सविता, सहायक तकनीकि अधिकारी कृषि भिण्ड

Updated on:
03 Apr 2026 12:00 am
Published on:
03 Apr 2026 12:00 am