भिंड

नए साल में मिलेंगी ’50 सड़कों’ की सौगात, 56 गांवों तक पहुंचेगी ‘पक्की रोड’

Paved Roads Construction: लोक निर्माण विभाग ने पिछले तीन साल में कुल 56 सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनकी लंबाई 188 किलोमीटर और लागत 53.50 करोड़ रुपएसे अधिक है।

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Jan 03, 2026
50 paved roads construction by PWD in Bhind Rural Areas (फोटो- Freepik)

MP News: लोक निर्माण विभाग भिंड के ग्रामीण क्षेत्रों में 56 गांवों को नए साल में पक्की सड़कों की सौगात देने की तैयारी में है। लेकिन छह स्थानों पर भूमि विवाद और कुछ स्थानों पर सीमांकन एवं भू-अर्जन की प्रक्रिया शिथिल होने से कार्य अपेक्षित गति से नहीं चल पा रहे है।

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कुछ कार्य प्रगति पर, कुछ का काम नहीं हुआ शुरू

आईटीआई से से बिल्हौरा के लिए 5.9 किलोमीटर लंबी रोड के निर्माण कार्य में जमीनी विवाद आने के बाद यह कार्य रोक दिया गया है। जबकि 80 प्रतिशत कार्य पूर्व में कराया जा चुका है। यह कार्य दिसंबर 2022 में शुरू हुआ था और जून 2024 में पूरा होना था, लेकिन 0.20 किलोमीटर में जमीनी विवाद के कार्य कार्य बंद है।

इसी प्रकार इटावा रोड पर क्वारी नदी पुल के आगे कनकूरा से मिरचौली के लिए भी 1.04 किलोमीटर की रोड स्वीकृत है। अक्टूबर 2021 में स्वीकृत इस रोड का कार्य जनवरी 2022 में शुरू हो हो गया और जनवरी 2023 में पूरा होना था, लेकिन विवाद के कारण 30 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने के बाद बगंद है। 2.11 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के इस कार्य पर 64.28 लाख रुपए खर्च भी किया जा चुका है।

साल 2024 में शुरू होना था काम

गढ़पारा से मोहनपुरा तक भी 2 किलोमीटर की सड़क निर्मित करवाई जारी है, लेकिन यहां भी विवाद के कारण कार्य बंद करना पड़ा है। यहां कार्य अप्रैल 2024 में ही पूरा होना था। लहार बाईपास मार्ग में भी काम गति नहीं पकड़ पा रहा है इसलिए अनुबंध को पर रोक के लिए वरिष्ठ कार्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।

दबोह में हो मुख्य रोड से सलैया-मुरावली मंदिर मार्ग 2.30 किलोमीटर लंबा है, लेकिन यह कार्य फरवरी वर्ष 2024 में स्वीकृत होने के बावजूद शुरू नहीं पाया है। कारण बताया जा रहा है कि एसओर दर में परविर्तन के कारण पुनरीक्षित एस्टीमेट भेजा गया है। अहरौली से सूपा बाया करमरा घाट भी पुनरीक्षित एस्टीमेट बनाने से कार्य शुरू नहीं हो पाया। यही स्थिति रूरई से हेतमपुरा मार्ग की है।

इन मार्गों पर भी एसओआर का पेंच

केशवगढ़ से लहार-अमायन मार्ग 2.5 किलोमीटर लंबा है और इसके लिए सितंबर 2025 में स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। मछरिया-बंथरी पार्ग भी 2.98 करोड़ की लागत से दो किलोमीटर का बनना है, जिसमें भी एस्टीमेट संशोधित होकर भेजने से कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। विभागीय तौर पर भी अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है। हालाकि अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया जारी है।

56 सड़कों की लंबाई 187.89 किलोमीटर

लोक निर्माण विभाग के पिछले तीन साल में कुल 56 सड़क निर्माण (Paved Roads Construction) कार्य स्वीकृत हुए हैं, जिनकी लंबाई 187.89 किलोमीटर और लागत 53.50 करोड़ रुपएसे अधिक है। एक दर्जन से अधिक कार्य तो वर्ष 2025 में ही स्वीकृत हुए हैं। जिनमें से अधिकांश में निविदा प्रक्रियाधीन है। जिससे कार्य प्रारंभ नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि अचलपुरा से बीहड़ वाले हनुमान मंदिर बड़ोखरी से शाला मंदिर तक, लपवाहा से बारेट, जगनपुरा से मढ़ेला मार्ग वाया अहवासी का पुरा मार्ग 8.80 किलोमीटर लंबा और 8.16 करोड़ से स्वीकृत होने के बाद काम शुरू।

फैक्ट फाइल

  • 48 कार्य ऐसे जिनकी निर्माण समयावधि बीत चुकी है।
  • 8 कार्यों में प्रगति का प्रतिशत 10-20 तक. समयावधि बीती।
  • 13 कार्य ऐसे हैं जिनकी समयावधि बीती फिर भी शुरू नहीं हुए।
  • 6 कार्यों में भूमि विवाद या भू-अर्जन की प्रक्रिया शिथिल है।
  • 32 कार्य ऐसे हैं जिन्हें मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य।

विवादों और कुछ तकनीकी कारणों निर्माणकार्य सुस्त

मैं कुछ कार्य विवादों और कुछ तकनीकी कारणों से सुस्त हैं। प्रयास किया जा रहा है कि तकनीकी अड़चनें शीघ्र दूर हो जाएं। कुछ प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालयों में स्वीकृति के लिए लंबित हैं। बरसात से पहले अधिकांश कार्य पूर्ण कराने का प्रयास किया जा रहा है। वही कार्य गुणवत्ता पूर्ण हों. मॉनीटरिंग भी की जाएगी।- मनीष मरकाम, ईई, पीडब्ल्यूडी भिण्ड।

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Published on:
03 Jan 2026 10:15 am
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