- सम्मेद शिखर तीर्थ बचाओ का आंदोलन तेज- जैन मुनि ने लगाए केंद्र सरकार मुर्दाबाद के नारे- जैन मुनि के साथ विरोध में उतरा भारी जन समूह- विधानसभा-लोकसभा में खामियाजा भुगतेगी सरकार- जैन मुनि
सम्मेद शिखर तीर्थ बचाओ आंदोलन के तहत जैन मुनि प्रतीक सागर महाराज के साथ सर्व समाज सोमवार को मध्य प्रदेश के भिंड शहर की सड़कों पर उतरा। इस दौरान जैन समाज से आने वाले व्यापारियों ने अपने कारोबार भी बंद रखे और लहार रोड चौराहे से परेड चौराहे तक आक्रोश रैली निकाली।
लहार रोड चौराहे से शुरु हुई रैली परेड चौराहे पर आकर जन आक्रोश सभा में तब्दील हो गई। लहार रोड चौराहे पर जैन मुनि ने केंद्र सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, धर्म विरोधी सरकार हमें नहीं चाहिए।
मंच से लगे सरकार मुर्दाबाद के नारे
इस दौरान उन्होंने मंच से जैन समाज के लोगों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार मुर्दाबाद के नारे भी लगाए और उपस्थित जन समूह ने इसमें खुलकर साथ दिया। इस दौरान जैन मुनि ने ऐलान किया कि, सम्मेद शिखर को मां वैष्णोदेवी, चित्रकूट, मथुरा की तरह पूर्ण अहिंसामुक्त पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया जाए, वरना सरकार को इसके बुरे परिणाम भुगतने होंगे।
सरकार को जैन मुनि की चेतावनी
यही नहीं, परेड चौराहे पर जन आक्रोश सभा में जैन मुनि ने ये भी कहा कि, सम्मेद शिखर को लेकर साल 2019 में जारी गजट नोटिफिकेशन के पूर्ण रद्द होने तक ये आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने ये भी कहा कि, अगर केंद्र और राज्य सरकार इसके बाद भी नहीं चेतीं तो साल 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।