
Bhind Deputy Collector School Inspection: मध्यप्रदेश के भिंड में शासकीय स्कूल भले ही 16 जून से दूसरे चरण में खुल गए हैं, लेकिन स्थिति बंद जैसी ही है। कहीं बच्चे पहुंच ही नहीं रहे, कहीं उपस्थिति बेहद दयनीय है। शिक्षक भी न तो विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं और न ही अभिलेख संधारित कर रहे हैं। बुधवार को डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी डीपीसी महेंद्र सिंह सौजन्या ने सुबह 11 बजे शासकीय माध्यमिक एवं प्राथमिक विद्यालय दीनपुरा का औचक निरीक्षण किया तो अव्यवस्थाएं देखकर हैरान रह गए। अनुशासनहीनता एवं पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता के आरोप में डिप्टी कलेक्टर ने चार शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
डिप्टी कलेक्टर महेन्द्र सिंह सौजन्या ने बुधवार को एपीसी रंधौर सिंह यादव के साथ जनपद शिक्षा केंद्र के दीनपुरा स्थित दोनों स्कूलों के आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शासकीय माध्यमिक विद्यालय में छात्र उपस्थिति संख्या शून्य पाई गई, जबकि 22 जून को यहां 12 छात्र उपस्थित होना पाया गया। साथ ही मिड डे मील (एमडीएम) संबंधित किसी भी प्रकार का अभिलेख नहीं मिला। इतना ही नहीं विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए शिक्षकों ने कोई प्रयास नहीं किया, पालकों से संपर्क भी नहीं किया। पालक संपर्क पंजी व शाला समय-सारणी का संधारण भी नहीं किया गया। इसके साथ ही और भी बहुत सी लापरवाहियां उजागर हुईं, जिसके कारण माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक उदय सिंह यादव प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं माध्यमिक शिक्षक भारती सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
शासकीय प्राथमिक विद्यालय दीनपुरा में भी विद्यार्थियों की उपस्थिति महज दो पाई गई। प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद जर्जर भवन में विद्यालय संचालित मिला। शिक्षकों ने बच्चों को बाहर पेड़ के नीचे बैठाया हुआ था। जबकि बीआरसीसी इस भवन का बारिश में उपयोग न करने के संबंध में पत्र जारी कर चुके हैं। विद्यालय में एमडीएम से संबंधित किसी भी प्रकार का अभिलेख नहीं मिला। शिक्षकों ने उपस्थिति बढ़ाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। साथ ही शाला की समय सारणी, शाला प्रबंधन समिति की बैठक भी न होना पाया गया। इसके अलावा यहां भी कई लापरवाहियां मिलीं जिसके कारण प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रतिभा चौहान एवं प्राथमिक शिक्षक सविता गौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।