UGC 2026 protest: स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कानून जातिवादी व्यवस्था को बढ़ावा देता है, इसलिए इसे रद्द कराने के लिए व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा।
MP News: दिल्ली के रामलीला मैदान में यूजीसी कानून (UGC Equity Regulations 2026) के विरोध में बड़ा आंदोलन प्रस्तावित है, जिसे सवर्ण समाज ने खुला समर्थन देने का ऐलान किया है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह कानून जातिवादी व्यवस्था को बढ़ावा देता है, इसलिए इसे रद्द कराने के लिए व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा। इसी सिलसिले में परशुराम सेना की ओर से मध्य प्रदेश के भिंड जिले में बैठक आयोजित कर रणनीति बनाई गई और जनसंपर्क अभियान तेज करने का निर्णय लिया गया।
बायपास रोड स्थित परशुराम छात्रावास परिसर में आयोजित बैठक में परशुराम सेना के पदाधिकारियों के साथ अन्य संगठनों के लोग भी शामिल हुए। बैठक में यूजीसी कानून को काला कानून बताते हुए इसके खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया गया। जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने कहा कि आठ मार्च को दिल्ली में होने वाले आंदोलन में जिले से सैकड़ों युवा भाग लेंगे। यह आंदोलन स्वामी आनंदस्वरूप, करणी सेना के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. राज सिंह शेखावत और महिपाल मकराणा के नेतृत्व में होगा। आंदोलन में शामिल होने के लिए लोग सार्वजनिक परिवहन के साथ निजी वाहनों से भी दिल्ली रवाना होंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि 16 मार्च से 'रोड नहीं तो टोल नहीं 'आंदोलन को समर्थन दिया जाएगा। यह आंदोलन नेशनल हाईवे क्रमांक 719 (ग्वालियर-भिण्ड-इटावा) के चौड़ीकरण की मांग को लेकर संत समाज द्वारा प्रस्तावित है। वक्ताओं ने कहा कि जब तक सड़क चौड़ीकरण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक टोल फ्री आंदोलन जारी रहेगा। सात मार्च को दिल्ली के लिए प्रस्थान की तैयारी के साथ जनसंपर्क अभियान लगातार जारी है। (MP News)