4 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP के इस शहर की बदलेगी तस्वीर, हर घर की बनेगी डिजिटल कुंडली

MP News: हर की तंग गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक, घरों की दीवारों और दरवाजों पर अलग-अलग रंगों से नंबर लिखे जा रहे है।

2 min read
Google source verification

दतिया

image

Akash Dewani

Mar 04, 2026

Census 2027 process started by numbering of houses in datia mp news

Census 2027 process started (फोटो- Patrika.com)

MP News:दतिया जिले में अब जनगणना की तैयारी कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर नजर आने लगी है। शहर की तंग गलियों से लेकर गांव की पगडंडियों तक, घरों की दीवारों और दरवाजों पर अलग-अलग रंगों से नंबर लिखे जा रहे है। यह संकेत है कि वर्ष 2027 में होने वाली डिजिटल जनगणना (Census 2027) की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है।

करीब 15 साल बाद होने जा रही यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक होगी, क्योंकि इस बार पूरा डेटा मोबाइल और एप के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। दरअसल, जनगणना 2021 मे प्रस्तावित थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। अंतिम बार गणना वर्ष 2011 में हुई थी। अब 2027 की जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी और इसकी कुल अवधि लगभग डेढ़ साल रहेगी।

पहले मकान, फिर परिवार की गिनती

जिले के सभी नगरीय निकाय क्षेत्र के अलावा ग्रामीण पंचायतों में मकानों की नंबरिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। हर घर को एक यूनिक पहचान नंबर दिया जा रहा है। यही नंबर आगे डिजिटल डेटा का आधार बनेगा। पहले चरण में भवनों और मकानों की सूची तैयार होगी, जबकि दूसरे चरण में उन्हीं मकानों में रहने वाले परिवारों की गणना की जाएगी।

एक वर्ष में पूरी होगी जनगणना

जनसंख्या की वास्तविक गणना फरवरी 2027 में होगी और 1 मार्च 2027 की आधी रात को संदर्भ तिथि माना जाएगा। यानी उस समय जो जहां मौजूद होगा, उसी आधार पर आंकड़े तय होंगे। इस बार जनगणना कर्मी कागज-कलम की जगह स्मार्टफोन और विशेष एप का उपयोग करेंगे। मौके पर ही 10 से 15 मिनट की बातचीत में परिवार के सदस्यों की संख्या, उम्र, शिक्षा, भाषा, व्यवसाय जैसी सामान्य जानकारियां दर्ज की जाएंगी। पहली बार जाति से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जाएगी। लोग चाहे तो घर बैठे ऑनलाइन भी जानकारी दर्ज करा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के नाम पर ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम या किसी भी प्रकार की वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी।

सामाजिक योजनाओं की दिशा तय करेगा मकान नंबरः मकान पर लिखा गया नंबर भविष्य में हर सरकारी योजना, शहरी विकास, आधारभूत ढांचे और सामाजिक योजनाओं की दिशा तय करेगा। एक नंबर से पूरे परिवार और उस मकान से जुड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी। प्रशासनिक अनुमान है कि 2027 में जिले की आबादी में बड़ा उछाल दर्ज हो सकता है। ऐसे में यह डिजिटल जनगणना न सिर्फ आंकड़ों का संग्रह होगी, बल्कि दतिया की भविष्य की विकास यात्रा की दिशा भी तय करेगी।

सीमाओं का परिवर्तन नहीं होगा- एसडीएम

जितनी सटीक जानकारी मिलेगी उतनी ही सही तस्वीर जिले की सामने आएगी। जनगणना के चलते वर्ष 2027 तक जिले की सीमाओं में कोई परिवर्तन नहीं होगा। न नया गांव बनेगा न नया वार्ड और न ही सीमाओं में फेरबदल किया जाएगा, ताकि आंकड़ों की शुद्धता बनी रहे। -महेंद्र कुमार कवचे, एडीएम एवं प्रभारी जनगणना अधिकारी दतिया (MP News)