भिंड

नगर पालिका के सम्मेलन में हंगामा, विधायक और नपा अध्यक्ष के रिश्तेदार भिड़े

नगरपालिका में 21 महिला जनप्रतिनिधि चुनकर आई हैं। लेकिन अध्यक्ष सहित अधिकांश के परिजन ही काम करते हैं। तत्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने इस पर रोक लगाई तो उपस्थिति पूरी होने लगी थी, लेकिन बाद में फिर मामला सुस्त पड़ गया। परिजनों के शामिल होने से परिषद की बैठकों का विषयांतर हो जाता है और विकास के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती।

2 min read
Feb 10, 2026

भिण्ड. नगरपालिका के साधारण सम्मेलन में सोमवार को विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह और नपा अध्यक्ष के चचिया ससुर सुनील वाल्मीक के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों आमने सामने आ गए। बाद में बैठक से सुनील वाल्मीकि को बाहर ले जाया गया तब मामला शांत हुआ।

विधायक ने अध्यक्ष के वार्ड में विकास कार्य न होने का मामला उठाया। इस पर सुनील वाल्मीकि ने खड़े होकर माइक खींचकर बात रखनी चािहए तो विधायक ने उन्हें यह कहते हुए रोक दिया कि बैठक में अनाधिकृत व्यक्ति को बोलने का अधिकार नहीं है। इस पर तनातनी की स्थिति बनी गई और बाद में नेता प्रतिपक्ष राहुल सिंह कुशवाह वाल्मीकि को बैठक स्थल से बाहर ले गए। विधायक ने कहा कि बैठक का संचालन अध्यक्ष या उपाध्यक्ष ही करते हैं। इस घटनाक्रम के दौरान अध्यक्ष शांत बैठी रहीं।
नगरपालिका अध्यक्ष वर्षा वाल्मीकि की अध्यक्षता में आयोजित विकास एवं निर्माण कार्यां की बैठक में पार्षदों ने इटावा चुंगी पर एक दुकान के नवीनीकरण के प्रस्ताव का भी विरोध किया, लेकिन बाद में उसे पारित कर दिया गया। जबकि गौरव दिवस के लिए 12 की जगह आठ लाख रुपए का प्रस्ताव पारित किया गया। इसका आयोजन चार मार्च को खंडा रोड पर किया जाएगा। वहीं वार्ड 22 में शहीद जितेंद्र सिंह के नाम से पार्क का नामकरण, झूला सेक्टर 25 लाख रुपए पर एक व्यक्ति को देने, मैरिज गार्डन की सूची बनाकर नोटिस जारी करने और जुर्माना लगाने सहित 76 प्रस्ताव पारित किए गए। जिनमें 50 करोड़ रुपए से अधिक के निर्माण एवं विकास कार्य भी शामिल हैं। मेला लगाने के लिए 75 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया गया था, जिसमें आठ लाख रुपए से वॉलीबाल प्रतियोगिता इस बार नहीं कराने का निर्णय लिया गया है। बाकी रामलीला, दंगल एवं अन्य आयोजन पूर्व की तरह होंगे।

ये भी पढ़ें

भिण्ड में मतदाता सूची में बड़ी गड़बड़ी, 2.14 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी

सीवर व टाटा वाटर प्रोजेक्ट पर भी विवाद

बैठक में पार्षद मनोज जैन ने सीवर के रख-रखाव की स्थिति पर आपत्ति की। वार्ड 10 के पार्षद ने भी सीवर चोक होने और जल भराव की शिकयत की। वहीं परिषद की बैठक में जैन ने नयापुरा पानी की टंकी का उपयोग होने से पहले रिसाव पर पत्रिका की खबर पर परिषद का ध्यान खींचा। सीएमओ ने बताया कि ठेकेदार सीवर का रख-रखाव कर रहा है। जहां शिकायत आती है, वहां काम कराया जा रहा है।

महिला पार्षद के परिजन रहते हैं शामिल

नगरपालिका में 21 महिला जनप्रतिनिधि चुनकर आई हैं। लेकिन अध्यक्ष सहित अधिकांश के परिजन ही काम करते हैं। तत्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने इस पर रोक लगाई तो उपस्थिति पूरी होने लगी थी, लेकिन बाद में फिर मामला सुस्त पड़ गया। परिजनों के शामिल होने से परिषद की बैठकों का विषयांतर हो जाता है और विकास के मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती।

विवाद नहीं था, अनाधिकृत व्यक्तियों को बैठक में अव्यवस्था फैलाने से रोका था। वाल्मीकि बैठक का विषय भटकाने का प्रयास कर रहे थे, इसलिए बाहर करवा दिया गया। हंगामा कुछ नहीं हुआ।
नरेद्र सिंह कुशवाह, विधायक भिण्ड।

ये भी पढ़ें

बोर्ड परीक्षाओं का महाकुंभ 10 फरवरी से, परीक्षा सामग्री थानों में जमा

Updated on:
10 Feb 2026 12:25 am
Published on:
10 Feb 2026 12:24 am
Also Read
View All

अगली खबर