
Bhopal News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पुलिस अब चोरी के एक केस में जब्ती कार्रवाई और कोर्ट में चालान पेश करने के बाद सवालों के घेरे में आ गई है। इस पूरे केस में फरियादी नेहा मीणा की तरफ से अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत कर आरोप लगाया है कि, एफआइआर, पुलिस की रिकवरी और कोर्ट में पेश चालान में जब्त किए गए माल का विवरण एक जैसा नहीं है।
घर चोरी हुए जेवर में 22 तोला सोना, 3.1 किलो चांदी जिसकी कीमत 31.71 लाख बताया गया था। फरियादी ने आरोप लगाया है कि, चोरी करने वाले तीनों आरोपी नजम, साहिल कुरैशी और सलीम कुरैशी को हैदराबाद एसटीएफ ने गिरफ्तार किया और उनके पास 220 ग्राम सोना और 3.1 किलो चांदी बरामद किए गए थे। वहीं, चोरी हुए सामान और रिकवरी सामान का मेल खाने के बावजूद पुलिस ने रिकवरी दर्ज नहीं किया था।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद फरियादी को जानकारी दी कि, आरोपी के कब्जे से साढ़े 4 तोला सोना और 500 ग्राम चांदी बरामद किया गया है। लेकिन, जब चालान कोर्ट पहुंचा तो मिसरोद पुलिस ने चालान के साथ सिर्फ 2 तोला सोना और 500 ग्राम चांदी जब्त दर्शाया। चौकाने वाली बात ये है कि, अगर तीनों आरोपी पकड़े जाने पर अधिक मात्रा में सोना और चांदी बरामद हुआ था तो बाकी जेवर कहां हैं और उन्हें कोर्ट में क्यों पेश नहीं किया गया।
बता दें कि पारस हर्मिटेज निवासी बैंक अधिकारी नेहा मीणा के घर हुई चोरी 15 फरवरी 2026 को हुई थी। इसके बाद वह मिसरोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती शिकायत में उन्होंने घर का सेंटर लॉक तोड़कर सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य सामान चोरी होने की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने यह भी बताया था कि बैंक लॉकर की जांच के बाद चोरी गए पूरे सामान की जानकारी अलग से देंगी। इसके बाद फरियादी नेहा मीणा ने पुलिस को बताया कि उनके घर से कुल 22 तोला सोना और 3 किलो चांदी चोरी हुई है, जिसकी कीमत 31 लाख 71 हजार रुपए है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
फरियादी की तरफ से अधिवक्ता अंकुर पाण्डेय का कहना है कि एफआईआर में दर्ज जानकारी, पीडि़ता द्वारा बाद में दिए गए चोरी गए सामान के विवरण, पुलिस की रिकवरी और कोर्ट में पेश जब्ती पंचनामा का मिलान करने पर कई विसंगतियां सामने आती हैं।
वहीं उसी दिन पारस हर्मिटेज में रहने वाले ए्स के डॉक्टर सुशांत के फ्लैट में भी चोरी हुई थी। डॉक्टर पत्नी के साथ 11 फरवरी को जम्मू गए थे। 16 फरवरी की रात लौटने पर फ्लैट का ताला टूटा मिला था। घर के अंदर अलमारी से सोने के जेवर, तीन घडिय़ां व मंदिर में रखा चांदी का सिक्का चोरी हो चुका था। डॉक्टर ने मिसरोद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप है कि जांच अधिकारी ने इनमें हैदराबाद एसटीएफ से केस डायरी, जब्ती पंचनामा और आरोपियों के बयान मंगाना, बरामद जेवरों की पहचान कराना, आरोपियों का प्रोडक्शन वारंट लेना सहित बरामद संपत्ति को कोर्ट के माध्यम से उनके केस से जुड़े जांच में लापरवाही की है।
फरियादी की तरफ से पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि हैदराबाद एसटीएफ से बरामद सोना- चांदी से जुड़े सभी दस्तावेज मंगवाए जाएं, बरामद संपत्ति को उनके केस से जोड़ा जाए, चोरी गए सभी जेवरों की बरामदगी पूरी तरह से हो सके।
दोनों वारदातें एक ही आवासीय परिसर में हुई थीं। ऐसे में पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर चोरी का खुलासा करने का दावा किया, लेकिन अब जब्ती के रिकॉर्ड को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है।