भोपाल

भोपाल में मास्टर प्लान से हटी 27 सड़कें, 1995 में की गई थी प्लानिंग, टीएंडसीपी ने जारी की सूची

Master Plan Roads: 1995 में प्लान की गई कई सड़कें 31 साल बाद 2026 में बसाहट, धार्मिक स्थल और संस्थानों की वजह से रद्द कर दी गईं, जिन पर करीब 500 करोड़ रुपये खर्च हो चुके थे।
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Oct 16, 2026
मास्टर प्लान की सड़कें, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
मास्टर प्लान की सड़कें, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Bhopal news: मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में आम लोगों की आवाजाही सुगम करने वर्ष 1995 में जिन सड़कों की प्लानिंग की गई थी, 31 साल बाद 2026 में उन्हें अब रद्द कर दिया गया है। टीएंडसीपी ने बाकायदा यह सूची जाहिर की। इसके कारण भी दिए गए हैं। सड़क जिन जगहों पर तय थी, वहां बसाहट हो गई तो कहीं धार्मिक स्थल और कहीं बड़े संस्थान वजह बने। हैरानी की बात यह है कि 31 वर्षों में इनमें से 15 सड़कों को लेकर डीपीआर-कंसल्टेंशन से लेकर जमीन पर कुछ निर्माण भी हुआ और ये पूरे 500 करोड़ रुपए खर्च हो गए।

ऐसे समझें सड़कों पर कैसे फिरा पानी

-मुबारकपुर चौराहा से बैरसिया रोड 60 मीटर चौड़ी 8.35 किमी लंबी रोड पहले ही एक अन्य बायपास है।
-एयरोसिटी बीडीए तक वाया आरजीपीवी में आरजीपीवी कैंपस व भवनों के बीच से गुजर रही।
-संजीवनगर होते हुए नेवरी वाया बायपास तक 24 मीटर चौड़ी रोड में नेवरी बसाहट आ गई है।
-लालघाटी वाया विदिशा बायपास 6.30 किमी लंबी, 45 मीटर चौड़ी रोड पर सिंगारचोली पहाड़ी के मकान व चर्च की दिक्कत।
-छोला से बेस्ट प्राइस तक 45 मीटर रोड पर अवैध कॉलोनियां बन गई।
-गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र से 24 मीटर चौड़ी रोड। कई उद्योग अलाइनमेंट में आने से संभव नहीं है।
-अयोध्या बायपास से प्रभात चौराहा तक 7.70 किमी लंबाई व 30 मीटर चौड़ाई में 446 मकान बीच
-एसटीपी से अयोध्या बायपास से सेवनिया ओंकारा तक 30 मीटर चौड़ी व साढ़े चार मीटर लंबी रोड। इसमें संस्थान की जमीन बाधक।
-नरेला शंकरी होते हुए जेके रोड से बायपास तक 24 मीटर चौड़ी रोड साढ़े तीन किमी लंबाई में गांव के मकान, बसाहटें।
-पिपलानी रायसेन रोड 24 मीटर चौड़ाई में प्रस्तावित। अलाइनमेंट बदलने से संभव नहीं।
-सिद्धार्थ लेक सिटी से रायसेन-अयोध्या बायपास तक 60 मीटर चौड़ी रोड 1.95 किमी लंबाई में। हाइटेंशन लाइन रास्ते में।
-आशिमा मॉल से रायसेन रोड बाइपास तक 60 मीटर चौड़ाई में तीन किमी तक रोड है, इसके बाद चार किमी की रोड के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है।
-पानी पिपलानी थाने से एसओएस बालग्राम तक 24 मीटर चौड़ी रोड को रद्द कर दिया गया है। वैकल्पिक रोड की वजह से।
-एम्स होते हुए आरआरएल रएल से खोरी कला बाइपास तक 30 मीटर चौड़ी रोड तीन किमी में तय थी, रद्द कर दी।
-नर्मदापुरम मार्ग से आकृति इको सिटी तक 30 मीटर चौड़ी, तीन किमी लंबी रोड।
-बर्रई से गेहूंखेड़ा वाया सलैया 45 मीटर चौड़ी रोड। कुछ स्थानों पर रूकावट है।
-नयापुरा कोलार मार्ग से सनखेड़ी चीचली तक 36 मीटर चौड़ी व 4.30 किमी लंबी रोड पर मकान बन गए हैं।
-दामखेड़ा कोलार से चंदनपुरा 45 मीटर रोड, 3.30 किमी लंबाई में।
-चूनाभट्टी बसाहट से खुशीलाल शर्मा अस्पताल तक 24 मीटर चौड़ी रोड। पहाड़ी की खड़ी ढलान की वजह से रद्द।

बसाहटों को राहत

लंबे समय तक अटकी सड़कों की वजह से संबंधित जमीन का उपयोग करने वाले हमेशा चिंता में रहते थे, लेकिन सड? रद्द होने से इनका उपयोग करने वालों को राहत मिली है। यहां उन्हें भविष्य में सड़क या अन्य निर्माण की स्थिति में अपने घर, दुकान को खो देने की चिंता से मुक्ति मिलेगी।

ऐसे प्रशासन ने की बेपरवाही

1995 में जब मास्टर प्लान में सड़कों की प्लानिंग हुई तो इसके आगामी भविष्य, बढ़ती आबादी और इनकी आपसी कनेक्टिविटी के लिए सड़कों को तय किया गया। प्रशासनिक स्तर पर इन जमीन का संरक्षण, अधिग्रहण नहीं हुआ और समय के साथ जमीन पर कब्जे, निजी जमीन होने पर उसपर निर्माण हो गए। सड़क खत्म होती गई, अंततः रद्द करना पड़ा।

Updated on:
16 Oct 2026 07:30 am
Published on:
16 Oct 2026 07:30 am