
भोपाल. राजधानी में डेंगू लगातार पैर पसार रहा है। जगह-जगह भरा बारिश का पानी और विभागीय लापरवाही डेंगू के लार्वा के पनपने की मुख्य वजह है। नतीजतन पांच दिनों में ही डेंगू के 28 मरीज सामने आए हैं। गुरुवार को डेंगू के दस नए मरीज मिले। इस सीजन में ऐसा पहली बार है कि जब इतने मरीज एक साथ सामने आए हैं। मालूम हो कि शहर में डेंगू के 145 मरीज मिल चुके हैं। हर रोज चार से पांच मरीज सामने आ हैं, इसके बावजूद न तो ढंग से लार्वा सर्वे हो रहा है और न ही धुएं का छिडक़ाव। विभाग ने सर्व टीमों की संख्या में इजाफा नहीं किया है और लार्वा मिलने वालों के यहां जुर्माना किया जा रहा है।
बीते साल से तीन गुना ज्यादा मरीज
इस साल अगस्त महीने मे 115 मरीज सामने आए हैं, जबकि पिछले साल अगस्त में ये संख्या 46 थी। वर्ष 2018 125 से अधिक टीमें लार्वा सर्वे कर रही थीं, जबकि इस बार सिर्फ 39 टीमें। विभागीय अनदेखी के कारण इस साल डेंगू का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है।
...इसलिए बढ़ रहे मरीज
लार्वा मिलने पर नगर निगम को मकान मालिक पर 200 से 5 हजार रुपए तक जुर्माने का अधिकार है, लेकिन जुर्माना तब किया जाता है जब डेंगू-चिकनगुनिया के हर दिन 5 से ज्यादा मरीज आने लगते हैं।
लावा सर्वे में आशा कार्यकताओं की टीमें लगाई जाती हैं, लेकिन उन्हें लार्वा की सही तरीके से पहचान नहीं है।
बार-बार मौसम में बदलाव से मच्छरों को पनपने का मौका मिला।
सर्दी, खासी, बुखार से पीडि़त
ब्लाक मेडिकल ऑफीसर डॉ.केपी यादव का कहना है कि अस्पताल आने वाले मरीजों में 90 फीसदी मरीज वायरल फीवर के हैं। यह साधारण वायरल फीवर है। बारिश थमने के बाद जैसे ही धूप निकलेगी, वातावरण से यह वायरल खत्म हो जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि वायरल फीवर के कारण बुखार 4 से 5 दिनों के बीच रह सकता है। इसमें मरीज सर्दी, खासी, बुखार से पीडि़त हो रहे हैं। बीएमओ ने बताया कि इस दौरान लोगों को एहतियात के तौर पर घर के बाहर का पानी पीने से बचना चाहिए, साथ ही बाहर की कोई चीज न खाकर, घर का पोष्टिक भोजन करना चाहिए।
स्टॉफ की कमी मरीजों की आफत
पत्रिका ने ओपीडी के हालत का जायजा लिया तो एक कर्मचारी मरीजों की ओपीडी की पर्ची बना रहा था, जिसमें मरीज बड़ी संख्या में लाइन में खड़े थे। अर्जुननगर के सब्जी विक्रेता शुभम ने बताया कि वह एक घंटे से लाइन में लगे हैं और बुखार से पीडि़त हैं। लोगों का कहना था कि मरीजों की संख्या देखते हुए पर्ची बनाने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना चाहिए। इधर अंदर डॉक्टर कक्ष में दो महिला चिकित्सक व एक दंत चिकित्सक वायरल फीयर के मरीज देख रहे थे।