भोपाल

jailbreak news: हाई अलर्ट पर प्रशासन, फिर जेल से भाग सकते हैं खूंखार आतंकवादी

jailbreak news: हाई अलर्ट पर प्रशासन, फिर जेल से भाग सकते हैं खूंखार आतंकवादी
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Updated: 7 Nov 2018, 5:00 PM IST
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jailbreak news: हाई अलर्ट पर प्रशासन, फिर जेल से भाग सकते हैं खूंखार आतंकवादी

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन ने पुलिस प्रशासन को एक बार फिर हाईअलर्ट पर रखा है। कहा गया है कि आने वाली 48 घंटे हाईअलर्ट पर जेलों की कड़ी सुरक्षा की जाए। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में 30-31 अक्टूबर 2016 की दरमियानी रात भोपाल की गांधीनगर जेल से 8 खूंखार आतंकवादी भाग गए थे। यह रात दीपावली की ही रात थी जब एक कैदी की हत्या करके ये आतंकवादी भोपाल जेल की दीवार फांदकर भाग निकले थे। हालांकि 9 घंटे बाद में ही पुलिस की स्पेशल टीम ने एनकाउंटर में मार गिराया था।

मध्यप्रदेश की जेलों में बंद आतंकवादियों के कारण कहीं जेल ब्रेक की घटना दोबारा नहीं हो जाए, इसलिए पुलिस प्रशासन ने प्रदेश की पुलिस को हाईअलर्ट पर रहने को कहा है। भोपाल जेल में सिमी के सफदर नागौरी और अबु फैजल जैसे 31 खूंखार आतंकी कैद हैं। दो साल पहले 8 खूंखार आतंकवादी एक हैड कांस्टेबल की हत्या करके जेल से भाग निकले थे। यह वाकया तब हुआ था जब जेल विभाग के कर्मचारी भी दीपावली की रात में खुशियां मना रहे थे और आतिशबाजी कर रहे थे। हालांकि 9 घंटे बाद ही सभी को एनकाउंटर में मार गिराया था।

पुलिस ने बढ़ाई गश्त
हाईअलर्ट जारी होते ही पुलिस प्रशासन ने मध्यप्रदेश की सभी जेलों के आसपास गश्त बढ़ा दी है। पुलिस ने कई स्थानों पर चैकपोस्ट बनाए हैं। हर आने जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।

चुनाव से पहले भी जांच बढ़ाई
इधर पुलिस पहले से ही आचार संहिता के चलते वाहन चालकों की जांच-पड़ताल कर रही है। सीमावर्ती इलाकों में हर वाहनों की तलाशी ली जा रही है। इस कारण लाखों करोड़ों रुपए भी बरामद हो रहे हैं। इसके अलावा कई क्षेत्रों से अवैध शराब की भी जब्ती की जा रही है।

भोपाल में कई स्थानों पर बने चैकपोस्ट
राजधानी भोपाल की सीमा पर भी कई स्थानों पर पुलिस ने चैकपोस्ट बनाए हैं, जहां से शहर में आने वालों की तलाशी ली जा रही है।

अतिरिक्त फोर्स तैनात
हाईअलर्ट जारी होते ही भोपाल जेल पर अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस के जवान रात से ही गश्त कर रहे हैं। इसके अलावा बुधवार सुबह से ही सेंट्रल जेल में कैदियों से मिलने आने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। गौरतलब है कि त्योहार के चलते बड़ी संख्या में कैदियों के परिजन उनसे मिलने आते हैं।

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