MP Cabinet: मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को सोशल इंजीनियरिंग छाई रही। एक ओर बाल सुरक्षा तो 13 जिलों को और सेहतमंद बनाने की कवायद पर मुहर लगी। किसान भी फोकस में रहे। कैबिनेट ने मप्र में मिशन वात्सल्य योजना के जारी रहने पर मुहर लगाई।
MP Cabinet: मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को सोशल इंजीनियरिंग छाई रही। एक ओर बाल सुरक्षा तो 13 जिलों को और सेहतमंद बनाने की कवायद पर मुहर लगी। किसान भी फोकस में रहे। कैबिनेट ने मप्र में मिशन वात्सल्य योजना के जारी रहने पर मुहर लगाई। इसके तहत 33,346 बच्चों को 5 साल तक हर माह 4 हजार रुपए मिलते रहेंगे। इस पर 1,022 करोड़ 40 लाख रुपए खर्च होंगे। इसमें केंद्र 408 करोड़ 96 लाख व राज्य 613 करोड़ 44 लाख रुपए देगा।
भोपाल समेत 13 जिलों में आयुष अस्पताल जल्द शुरू किए जाएंगे, इनके लिए 373 नए पदों को मंजूरी दी गई। 21 लाख किसानों को सिंचाई के लिए 90% सब्सिडी पर सोलर पंप कनेक्शन मिलेगा। सरकार ने मप्र विज्ञान-प्रौद्योगिकी परिषद् में भर्ती पर रोक हटा ली है। अब जल्द भर्ती होगी। सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट ने उक्त जनकल्याणकारी प्रस्तावों के साथ मेडिको लीगल संस्थान के सेवकों को पुनरीक्षित 7वें वेतनमान देने पर भी मुहर लगाई।
बड़वानी का आयुष अस्पताल 30 बेड का होगा। भोपाल, इंदौर, नरसिंहपुर, मंडलेश्वर (खरगोन), बालाघाट, गुना, भिंड, सीहोर, अमरकंटक (अनूपपुर), पन्ना, श्योपुर व शुजालपुर (शाजापुर) में 50 बेड होंगे। अस्पतालों के भवन निर्माण की प्रक्रिया जारी है। इन्हें संचालित करने के लिए 373 नए पद स्वीकृत किए गए।
अब सोशल इम्पैक्ट बांड योजना के लिए वित्त विभाग धन जुटाएगा। अब तक यह काम सामाजिक न्याय विभाग कर रहा था। विभाग में वित्तीय मामलों के अफसरों की कमी थी। योजना के लिए फंड जुटाने मे भी दिक्कतें आ रही थी। ऐसे में सरकार ने सामाजिक न्याय विभाग से काम लेकर वित्त विभाग को दिया। योजना का सालाना बजट 100 करोड़ है।
आयुष अस्पतालों के लिए स्वीकृत पदों में प्रथम श्रेणी के 52, द्वितीय के 9१ व तृतीय श्रेणी के 230 पद हैं। नियमित पदों पर वार्षिक वित्तीय भार 25.57 करोड़ मंजूर किए। मानव संसाधन सेवाओं मे द्वितीय श्रेणी के 91, तृतीय के 117, चतुर्थ श्रेणी के 598 पद हैं। मानव सेवाओं का प्रबंधन राष्ट्रीय आयुष मिशन से होगा। 806 मानव संसाधन सेवाएं ऑनकॉल होंगी।