भोपाल

Bhopal News: थाने में बिगड़ी ASI की तबीयत, साथी पुलिसकर्मियों ने CPR देकर बचाई जान

ASI CPR: भोपाल के तलैया थाने में ASI की तबीयत बिगड़ने पर साथियों ने सीपीआर दिया और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, एएसआई अस्पताल में भर्ती, हालत में सुधार।
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Aug 15, 2026
talaiya thana bhopal
talaiya thana bhopal, भोपाल तलैया थाने की पुरानी तस्वीर (Source-patrika)

Bhopal ASI CPR: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के तलैया थाने में साथी पुलिसकर्मियों की सूझबूझ और तत्परता से एक ASI की जान बच गई। घटना शुक्रवार देर रात की है। थाने में पदस्थ एएसआई की बीती रात अचानक थाने में तबीयत बिगड़ गई और वो अचेत होकर कुर्सी से गिर पड़े। इसके बाद मौके पर मौजूद साथी पुलिसकर्मियों ने तुरंत एएसआई को सीपीआर दिया और अस्पताल लेकर पहुंचे। वक्त पर सीपीआर और सही इलाज मिलने से एएसआई की तबीयत में अब सुधार है और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।

ASI की बिगड़ी तबीयत

जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को एएसआई राधेलाल तलैया थाने में ड्यूटी पर थे, इसी दौरान देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और राधेलाल अचेत होकर कुर्सी से गिर गए। एएसआई की तबीयत बिगड़ते ही थाने में हड़कंप मच गया, लेकिन इसी दौरान थाने में मौजूद एएसआई राजकुमार शर्मा और आरक्षक अंकित ने बिना घबराए अपनी सूझबूझ दिखाई। दोनों ने मिलकर पहले तो एएसआई राधेलाल को सीपीआर दिया और फिर तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे।

अस्पताल में इलाज जारी

साथी कर्मचारी जैसे ही एएसआई राधेलाल को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। वक्त पर सीपीआर और सही इलाज मिलने के कारण एएसआई राधेलाल की जान बच गई और अब उनकी हालत में सुधार है। फिलहाल एएसआई राधेलाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। सही वक्त पर सीपीआर देकर एएसआई की जान बचाने वाले पुलिसकर्मियों राजकुमार शर्मा व अंकित की पुलिस विभाग में जमकर तारीफ की जा रही है।

सीपीआर से बच सकती है जान

बता दें कि कार्डियक अरेस्ट या सांस रुकने पर अगर किसी व्यक्ति को सही वक्त पर और सही तरीके से सीपीआर (CPR - कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया जाए तो उसकी जान बच सकती है। सही तरीके से सीपीआर देने से शरीर के मुख्य अंगों, विशेषकर मस्तिष्क और हृदय में रक्त का संचार चालू रहता है, जिससे ऑक्सीजन की कमी से होने वाले स्थायी नुकसान या मौत को रोका जा सकता है। समय पर सीपीआर मिलने से पीड़ित के बचने की संभावना बढ़ जाती हैं।

Updated on:
15 Aug 2026 08:45 pm
Published on:
15 Aug 2026 08:45 pm