
lokayukta action caught panchayat secretary taking bribe, रिश्वत लेते पकड़ाया पंचायत सचिव ओमप्रकाश सारण (Source-patrika)
Dewas Lokayukta Action: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है, लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला देवास जिले का है जहां एक पंचायत सचिव को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
देवास जिले की बागली तहसील के कमलापुर गांव के रहने वाले सलीम शाह उज्जैन लोकायुक्त कार्यालय में पंचायत सचिव ओमप्रकाश सारण के खिलाफ रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में फरियादी सलीम शाह ने बताया कि उसको वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत हुआ था। प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली व दूसरी किश्त की राशि बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी है। तीसरी किश्त की राशि के लिए आवेदक ने सचिव ओमप्रकाश सारण से संपर्क किया तो सचिव ओमप्रकाश ने जियो टैगिंग कर तीसरी किश्त की राशि जारी करवाने के एवज में 5 हजार रुपए की मांग की।
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उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार को रिश्वतखोर पंचायत सचिव ओमप्रकाश सारण को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। लोकायुक्त की टीम उज्जैन से 135 किमी की दूरी तय कर कमलापुर गांव पहुंची और पूर्व योजना के तहत जैसे पंचायत सचिव ओमप्रकाश सारण ने फरियादी सलीम शाह से रिश्वत के 5 हजार रुपये लिए तो उसे रंगेहाथों धरदबोचा। कार्रवाई में लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक हीना डावर, प्रधान आरक्षक हितेश ललावत, कन्हैयालाल धनगर, आरक्षक इसरार, उमेश जाटव आदि शामिल थे। लोकायुक्त ने आरोपी पंचायत सचिव ओमप्रकाश सारण के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
एक दिन पहले मंगलवार 11 अगस्त को रीवा जिले में भी लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए PWD के चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा था। टेस्टिंग लैब पीवीपी एलटीजी जिला सतना के मैनेजर सोनू सिंह ने चीफ इंजीनियर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। चीफ इंजीनियर कैलाश कुमार लच्छे फरियादी की फर्म को रीवा में काम दिलाने के एवज में 1 लाख रुपये प्रति महीना रिश्वत मांग रहे थे। इतना ही नहीं 50 हजार रुपये अपने साथी धर्मवीर सिंह के माध्यम से पहले ही ले चुके थे।
Updated on:
12 Aug 2026 05:22 pm
Published on:
12 Aug 2026 05:22 pm
