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कोमा में चली गई थी मां, 9 परिजनों का अब उनके साथ ही होगा अंतिम संस्कार, देवास में मातम

mass cremation in dewas सभी शव लाए गए, मां को ठीक कराने निकला था पूरा परिवार, रास्ते में थमी 9 लोगों की सांस, ड्राइवर की लापरवाही भीषण हादसे में बदल गई
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mass cremation to take place on the banks of the narmada in dewas

सागर बाई का देवास में नर्मदा किनारे होगा अंतिम संस्कार- image patrika.com

dewas news - एमपी के देवास में मातम पसरा है। यहां के सतवास तहसील के धांसड़ गांव के एक परिवार के 9 लोगों की सारंगपुर में हादसे में मौत हो गई थी। कोमा में चली गई सागरबाई का इलाज कराने उनके परिजन एक देवस्थान पर जा रहे थे तभी हादसा हो गया। इन सभी का आज किटी गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले मृतकों के शव सोमवार देर रात सतवास पहुंचे जहां शवों को शासकीय अस्पताल में रखा गया। हादसे के बाद शवों के आने में देरी को देखते हुए उन्हें रात में सतवास अस्पताल की मर्चुरी में रखने की व्यवस्था की गई।

सतवास तहसीलदार संजय गर्ग ने बताया कि शव आने में देरी के कारण अस्पताल में रात के लिए आवश्यक इंतजाम किए गए। रात करीब 10.45 पर शव अस्पताल लाए गए।

धांसड़ गांव में मृतक परिवार के घर पर मातम पसरा

धांसड़ गांव में मृतक परिवार के घर पर मातम पसरा है। मंगलवार सुबह शवों को यहां लाने के साथ ही अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। सभी के शव अंतिम संस्कार के लिए किटी गांव ले जाए जाएंगे। यहां नर्मदा किनारे सभी का एक साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। कन्नौद एसडीएम प्रिया चंद्रावत ने बताया कि जनपद पंचायत की ओर से मृतकों के परिजन को अंतिम संस्कार के लिए 5-5 हजार रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

सारंगपुर के पड़ाना बायपास पर कार के नाले में बह जाने से निवासी परिवार के 9 सदस्यों की मौत हो गई। जिस मां को स्वस्थ कराने की आस में पूरा परिवार सुबह घर से निकला था, किसी को अंदाजा नहीं था कि यह सफर परिवार के लिए आखिरी सफर साबित होगा। परिवार के साथ जा रहे दामाद और कार चला रहा रिश्तेदार ही हादसे में जीवित बच सके। सोमवार को जैसे ही हादसे की खबर धांसड़ पहुंची, गांव में चीख- पुकार मच गई। मृतकों के घरों के बाहर देखते ही देखते ग्रामीणों और रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो गई। हर चेहरा गमगीन था और हर आंख अपने किसी न किसी को तलाश रही थी।

लकवाग्रस्त होकर कोमा में चली गई थीं

ग्रामीणों के अनुसार धांसड़ निवासी शंकर बंजारा की पत्नी सागरबाई कुछ समय पहले सडक़ हादसे का शिकार हो गई थीं। इसके बाद वह लकवाग्रस्त होकर कोमा में चली गई थीं। परिवार के लोग उनका उपचार करा रहे थे। बताया गया कि सारंगपुर के पास स्थित एक देवस्थान पर जाने के बाद सागरबाई को कुछ आराम महसूस होता था। इसी उम्मीद में सोमवार सुबह परिवार के सदस्य उन्हें लेकर कार से देवस्थान के लिए रवाना हुए थे। परिवार को क्या पता था कि जिस सफर से उन्हें सागरबाई के स्वस्थ होने की उम्मीद थी, वही सफर पूरे परिवार को हमेशा के लिए उनसे दूर कर देगा। एक परिवार के नौ लोगों की मौत ने धांसड़ गांव को भीतर तक झकझोर दिया है।

ये हुए हादसे का शिकार

शंकर चौहान और उनकी पत्नी सागर बाई, बेटा विशाल चौहान व बहू पूजा, बेटी रीनू पंवार, नाती राजवीर और जसप्रीत, पोतियां महक और वंशिका