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राजगढ़ हादसा: ‘दो महीने की प्रेग्नेंट थी पूजा…’ 9 लोगों के अंतिम संस्कार के बाद सामने आया रूला देने वाला सच

Rajgarh Eco Car Accident: राजगढ़ हादसे में एक ही परिवार की 9 मौतों के बाद अंतिम संस्कार ने गांव को रुला दिया। अब सामने आया कि मृतका दो महीने की गर्भवती थी और पूरा परिवार मां के इलाज को देवस्थान जा रहा था।
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देवास

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Akash Dewani

Aug 11, 2026

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Rajgarh Eco Car Accident: 9 लोगों के अंतिम संस्कार के बाद सामने आया चौंका देने वाला सच (फोटो सोर्स- Patrika)

Rajgarh Accident: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में रविवार-सोमवार रात में हुई दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत ने लोगों ने झकझोड़ कर रख दिया था। मंगलवार को देवास में नौ में से छह लोगों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, बचे तीन लोगों का अंतिम संस्कार खंडवा जिले के पुनासा में किया गया। यह नजारा देख ग्रामीणों सहित स्थल पर मौजूद विधायक की भी आंखें भर आई। अंतिम संस्कार के बाद परिवार को लेकर नई जानकारियां सामने आई हैं। पत्रिका ने मृतकों के परिजनों और जानकारों से बातचीत की जिसमें दिल दहला देने वाले तथ्य सामने आई। बातचीत में पता चला कि हादसे मृतकों में से एक महिला दो एक-दो महीने की गर्भवती थी।

गर्भवती थी पूजा, हर साल जाते देव स्थान

परिजनों के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले विशाल की पत्नी पूजा गर्भवती थी। परिजनों में बातचीत में यह भी बात सामने आई कि विशाल अपनी मां को हर साल देव स्थान बाइक से लेकर जाया करता था। इस बार पूरे परिवार ने देव स्थान जाने का मन बनाया था। वह रविवार को देवास से इको कार में 11 लोग देव स्थान के लिए निकले थे और राजगढ़ के पड़ाना बायपास के पास उफनते नाले में कार बह (Rajgarh Eco Car Accident) गई थी।

लकवाग्रस्त मां को लेकर जा रहे थे, रास्ते में ही हो गया हादसा

धांसड़ गांव की निवासी सागर बाई के लकवे का उपचार करवाने के लिए पूरा परिवार देव स्थान जा रहा था। उनके गांव के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश पटेल ने बताया कि बेहद सामान्य परिवार से वे लोग थे। कुछ समय पहले सागरबाई का एक्सीडेंट हो गया था, इसके बाद वे लकवाग्रस्त हो गई थीं, कोमा में चली गई थीं। सारंगपुर के पास स्थित उक्त देव स्थान पर जाने से उन्हें आराम मिल रहा था। इसी के चलते पूरे परिवार के लोग इको कार में सवार होकर वहां जा रहे थे।

इकलौते बचे बेटे ने दी मुखाग्नि, पेट दर्द की वजह से नहीं गई लड़की

क्षेत्रीय विधायक मुरली भंवरा सहित ग्रामीणों ने मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। देवास में मृतक शंकर के छोटे बेटे खुशाल ने अपने मृतक शंकर, सागर बाई, विशाल, उसकी पत्नी पूजा, विशाल की बेटी वंशिका और महक को मुखाग्नि दी। वहीं, खंडवा के पुनासा गांव में शंकर की बेटी रीनू बाई, उसके बेटे राजवीर और बेटी जसप्रीत का अंतिम संस्कार दामाम होकुम ने किया जो हादसे में बचने वाले दो लोगों में से एक है। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। परिवार में अब एक बेटा खुशाल ओर उसकी पत्नी बचे जो इंदौर में मजदूरी करते थे। बताया जा रहा है कि एक लड़की है जिसकी शादी पास ही के गांव गोला में हुई वो वही रहती हे। पेट में दर्द होने के कारण वो परिवार के साथ नहीं गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और इस त्रासदी ने ग्रामीणों को गहरे सदमे में डाल दिया है।