भोपाल

Video: सबसे कम उम्र की पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनी हमारी हर्षिता, जकार्ता में जीता Medal…

12 साल बाद पदक मिला...
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Updated: 31 Aug 2018, 4:44 PM IST
harsita tomar
सबसे कम उम्र की पदक जीतने वाली खिलाड़ी बनी हमारी हर्षिता, जकार्ता में जीता मे​डल...

भोपाल। जकार्ता में चल रहे एशियाई खेलों में एमपी की युवा खिलाड़ी हर्षिता तोमर ने कांस्य पदक जीत लिया है। सेलिंग की ओपन लेजर 4.7 स्पर्धा की फाइनल रेस शुक्रवार को हुई। हालांकि उन्होंने बुधवार को इस स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहकर कांस्य पदक पक्का कर लिया था।

हर्षिता तोमर MP के होशंगाबाद की रहने वालीं हैं। वे शुक्रवार को हुई प्रतियोगिता की फाइनल रेस में तीसरे स्थान पर रहीं। इसके साथ ही हर्षिता सेलिंग में सबसे कम उम्र की पदक जीतने वाली खिलाड़ी बन गईं हैं। वहीं इससे पहले उनके कोच जीएल यादव ने 2006 में पुरुष प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था।

12 साल बाद पदक...
बुधवार को इस स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहने के बाद से ही देश और मप्र की उम्मीदें हर्षिता के पदक जीतने पर टिकी हुई थीं। बता दें कि एशियाड में इस खिलाड़ी ने सेलिंग में मप्र के लिए 12 साल बाद पदक पक्का किया है। 2006 में कोच जीएल यादव ने सिल्वर मेडल अर्जित किया था।

मोनिका और रीना से भी पदक की आस...
एशियन गेम्स में मप्र के लिए दो और खिलाड़ी मोनिका और रीना खोखर के भी रजत तय हैं। मप्र हॉकी अकादमी ग्वालियर की यह दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा हैं। भारतीय टीम चीन को हराकर महिला हॉकी के फाइनल में पहुंच गई हैं। फाइनल मुकाबला जापान से खेला जा रहा है।

छठे स्थान पर थीं,तीन दिन से...
तीन दिनों से छठे स्थान पर चल रहीं हर्षिता बुधवार को तीसरे स्थान पर पहुंच गई थीं, हर्षिता होशंगाबाद की निवासी हैं, लेकिन फिलहाल MP सेलिंग अकादमी में सिलेक्शन होने के बाद परिवार सहित भोपाल में रह रही हैं।

पिता देवेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि बेटी से इस प्रदर्शन से खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि वो देश के लिए रजत पदक जरूर जीतकर लाएगी। सेलिंग में कुल 12 रेस होती हैं। विजेताओं को प्रत्येक रेस के 10 अंक मिलते हैं।

4 साल से कर रहीं सेलिंग...
हर्षित का पदक एशियाड में मप्र के लिए सेलिंग में दूसरा पदक होगा। एशियाड में दो दिन पहले ही मप्र की मुस्कान किरार ने रजत पदक जीता है। हर्षिता के कोच जीएल यादव ने वर्ष देश के लिए टीम इवेंट में रजत जीता था।

अब 12 वर्ष बाद उन्हीं की शिष्या हर्षिता ने पदक पक्का कर लिया है। राजधानी की बड़ी झील में कोच जीएल के मार्गदर्शन में हर्षिता पिछले चार वर्ष से अपने खेल को निखार रही हैं।

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31 Aug 2018, 4:44 PM IST
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