
तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 495 करोड़ का मिला बोनस! 10 सिंचाई परियोजनाओं का हुआ शिलान्यास
सीहोर@सुनील शर्मा की रिपोर्ट...
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित सीहोर जिले में तेंदूपत्ता संग्राहकों tendupta collectors को सीजन 2017 का प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) शुक्रवार को प्रदेशभर में एक साथ बांटा गया। बोनस वितरण कार्यक्रम सभी जिलों में ठीक दोपहर साढ़े 12 बजे शुरू हुआ।
इस बारे में कई जानकारों का यह भी मानना है कि मध्य प्रदेश चुनाव 2018 के अभियान के जरिए प्रमुख रूप से बीजेपी और कांग्रेस मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने का प्रयास कर रही है। इसी के चलते चुनाव प्रचार अभियान की कवायद के साथ 31 अगस्त को मध्य प्रदेश सरकार ने प्रोत्साहन पारिश्रमिक सीजन-2017 MP elections 2018 495 crores bonus to tendupta collectors के तहत तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 495 करोड़ रुपए का वितरण किया।
जानकारों का कहना है कि पहला मौका है जब तेंदुपत्ता संग्राहकों को पत्ता तोड़ने के महज सवा साल में बोनस दिया गया। आमतौर पर बोनस तैयार करने में दो साल से ज्यादा समय MP elections 2018 495 crores bonus लग जाता है। इसके बाद ही बोनस बांटा जाता है।
इस साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार व मप्र राज्य लघु वनोपज संघ ने इसमें खासी जल्दबाजी दिखाई और सालभर में ही बोनसMP elections 2018 495 crores bonus तैयार कर दिया।
इस कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने विधानसभा क्षेत्र और सीहोर जिले के लाड़कुई गांव में संग्राहकों को राशि बांटी। जबकि अन्य जिलों में मंत्रियों, सांसद और विधायकों ने आवंटिन किया। इस दौरान बोनस के रूप में 495 करोड़ रुपए बांटे गए।
35 हजार तेंदुपत्ता संग्राहकों को 5.84 करोड़ का बोनस...
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जिले की 11 समितियों के 35420 तेंदुपत्ता संग्राहकों को 5 करोड़ 84 लाख रुपए से अधिक राशि का बोनस बांटा।
इसके तहत सीहोर जिले के बुधनी,लाड़कुई,गोपालपुर, रेहटी, चकल्दी, मजालपुर, श्यामपुर, ब्रिजिसनगर, मेतवाड़ा,शाहगंज और बिलकिसगंज के 35 हजार 420 तेंदुपत्ता संग्राहकों को 2017 का छह करोड़ का बोनस बांटा। वहीं इसके साथ ही करीब 462.39 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया।
10 सिंचाई परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण...
मुख्यमंत्री ने लाड़कुई में आयोजित कार्यक्रम में दो योजनाओं घोघरा मध्यम सिंचाई परियोजना लागत 145.36 करोड़ रुपए सिंचित रकबा 5613 हैक्टेयर तथा मोरघाट-बासूदेव बैराज लागत 3.5 करोड़ रुपये सिंचित रकबा 180 हैक्टेयर का लोकार्पण किया।
इसी तरह आठ परियोजनाओं सनकोटा लागत 154.85 करोड़ रुपये सिंचाई क्षमता 5 हजार हैक्टेयर, मोगराखेड़ा लागत 105.72 करोड़ रुपए सिंचाई क्षमता 4 हजार हैक्टेयर सहित अमीरगंज तालाब, महादेव बेन्द्रा तालाब, बसंतपुर तालाब, चिचलाह बैराज, पीपलकोटा गेबियन स्ट्रक्चर तथा गिल्लौर गेबियन स्ट्रक्चर का शिलान्यास किया। इन आठ परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 10635 हैक्टेयर रकबा सिंचित होगा।
इन्होंने बांटा बोनस : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा होशंगाबाद, वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार शहडोल, वित्तमंत्री जयंत मलैया दमोह, परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह सागर के मालथौन, महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस बुरहानपुर, खनिज साधन मंत्री राजेन्द्र शुक्ल सिंगरौली, सांसद ज्ञान सिंह उमरिया, स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री दीपक जोशी देवास के हाटपिपल्या, सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री लाल सिंह आर्य बैतूल, खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते मंडला और डिंडौरी के संयुक्त कार्यक्रम में तेंदुपत्ता संग्राहकों को बोनस बांटा।
सीएम ने इस कहानी से दी बच्चों को सीख:मिल बांचे कार्यक्रम...
वहीं शुक्रवार को ही मिल बांचे मध्यप्रदेश कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर जिले के लाड़कुई स्थित माध्यमिक स्कूल में शिक्षक बनकर बच्चों के बीच पहुंचे।
उन्होंने कहा कि मेरी जि़ंदगी का सबसे खुशी का पल वह है जब मैं अपने बच्चों के बीच होता हूं। बच्चों के लिए यह समय है कि वे अपने भविष्य की तैयारी अभी से करें। उन्होंने बच्चों को वीर अर्जुन की प्रेरणा स्त्रोत कहानी सुनाकर 'मछली की आंख' की तरह लक्ष्य पर ध्यान देने की सीख दी। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के लक्ष्य को पूरे मनोवेग से मन लगाकर वीर अर्जुन की तरह पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के चरित्र को लेकर एक बच्चे द्वारा अधिक मीठा खाने लत की कहानी सुनाते हुए कहा कि पहले अच्छी बातों का, अच्छे कामों का स्वयं अमल करें।
इसके बाद दूसरों से अपेक्षा करें। मुख्यमंत्री ने तुलसीदास और कालीदास की प्रेरणास्त्रोत कहानी भी सुनाई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल के बच्चों से गणित विषय के सवाल भी बोर्ड पर हल कराए। वहीं बच्चों ने भी रोचक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को गिफ्ट ए बुक अभियान के तहत किताबें और कापियां भी वितरित की गईं।
गणित में गुणा का सवाल हल नहीं करने पर सीएम बोले हतोत्साहित ने हो...
मिल बांचे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा गणित विषय में चार संख्याओं वाले गुणा के सवाल को एक छात्र हल नहीं कर पाया। इसे लेकर मुख्यमंत्री ने छात्र से कहा कि हतोत्साहित न हो। अपनी झिझक छोड़कर कोई बात समझ नहीं आए तो अपने शिक्षक से पूछे, तभी समस्या का समाधान हो सकेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे बच्चों की आंखों में देखकर मेरा संकल्प और दृढ़ होता है कि इनका भविष्य बर्बाद नहीं होने दूंगा। सरकार ने शिक्षा के लिए अधोसंरचना में सुधार किया, कई विद्यालय खोले, शिक्षकों की भर्ती की। जो स्कूल दूर थे उन तक पहुंचने के लिए हम ने बच्चों को, खासकर बेटियों को साइकिलें दी। सरकार ने शिक्षा को जनआंदोलन बनाने का काम किया है। अच्छी शिक्षा के लिए सारे संसाधन जुटाए, अधोसंरचना में सुधार किया, कई स्कूल खोले, उनके उन्नयन पर काम जारी है, शिक्षकों की भर्ती भी की। उन्होंने बच्चों के पालकों से आग्रह किया कि बच्चों पर पढ़ाई का बोझ इतना ना डालें कि बच्चे खेलना-कूदना ही छोड़ दें। शिक्षक बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं लेकिन समाज की भी कुछ जिम्मेदारी है।
Updated on:
31 Aug 2018, 4:02 PM IST
Published on:
31 Aug 2018, 3:10 PM IST
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