B.Ed- आधार-पैन और अकाउंट डिटेल छिपाने वाले कॉलेजों को दो माह की छूट, पहली बार बीएड 32 हजार, एलएलबी 25 हजार में,
B.Ed- मध्यप्रदेश के निजी कॉलेजों की मनमानी फीस पर अंकुश लगाने प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति (एएफआरसी) ने बड़ा फैसला लिया है। इस बार समिति ने बीएड, एमएड, एलएलबी और बीए-एलएलबी ऑनर्स जैसे प्रोफेशनल कोर्स की फीस तो तय कर दी, लेकिन पहली बार इसे सिर्फ एक साल के लिए सशर्त मंजूरी दी गई है।
कर्मचारियों के वेतन और खर्चों की जानकारी तो दी, लेकिन पैन कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर, बैलेंस शीट और वित्तीय दस्तावेज अपलोड नहीं किए
दरअसल, प्रदेश के करीब 750 कॉलेजों ने फीस बढ़ाने के लिए आवेदन किए थे, लेकिन अधिकांश कॉलेज अपने खर्चों का पूरा ब्योरा ही पेश नहीं कर सके। कई संस्थानों ने कर्मचारियों के वेतन और खर्चों की जानकारी तो दी, लेकिन पैन कार्ड, बैंक अकाउंट नंबर, बैलेंस शीट और वित्तीय दस्तावेज अपलोड नहीं किए। ऐसे में समिति ने न्यूनतम फीस तय कर प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित नहीं होने दी।
एमएड कोर्स के लिए फीस के लिए 45 हजार रुपए और एलएलबी व बीए-एलएलबी ऑनर्स की फीस 25 हजार रुपए निर्धारित कर दी
समिति ने बीएड की फीस 32 हजार रुपए तय की है। इसके अलावा एमएड कोर्स के लिए फीस के लिए 45 हजार रुपए और एलएलबी व बीए-एलएलबी ऑनर्स की फीस 25 हजार रुपए निर्धारित कर दी गई है। ज्यादा फीस वसूलनेवाले कॉलेजों पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
प्रदेशभर में बीएड कोर्स के लिए करीब 550 कॉलेज हैं। एमएड के लिए 50, एलएलबी कोर्स के लिए 44 और बीएएलएलबी ऑनर्स के लिए आधिकारिक तौर पर 50 कॉलेजों को मान्यता दी गई है। भोपाल जिले के 100 से अधिक कॉलेज भी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल हैं।
एएफआरसी के ओएसडी प्रो. अनिल शिवानी ने बताया, कॉलेजों को दो माह का समय दिया गया है। यदि इस दौरान संस्थान अपने खर्चों और आय का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराते हैं, तो उनकी मांग और वास्तविक खर्चों के आधार पर फीस पर दोबारा विचार किया जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक, फीस कमेटी अब कॉलेजों का निरीक्षण भी करेगी
समिति ने इस बार पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई डिजिटल व्यवस्था लागू की है। अधिकारियों के मुताबिक, फीस कमेटी अब कॉलेजों का निरीक्षण भी करेगी।
कोर्स- कॉलेज संख्या- फीस
बीएड- 550- 32000
एमएड -50- 45000
एलएलबी -44- 25000
बीएएलएलबी ऑनर्स- 50- 25000