
Bhopal EKAI CITY: गुजरात की तर्ज पर मध्यप्रदेश भी गिफ्ट सिटी बनाएगा। यह राजधानी भोपाल में आकार लेगी। इसे इकाई (एजुकेशन, नॉलेज, एंड एआइ) सिटी के रूप में तैयार किया जाएगा। केंद्र सरकार से इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। राज्य सरकार भी अपना अंशदान मिलाएगी। यह सिटी रोजगार और नवाचार के कई विकल्प खोलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा करते हुए इस दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
उज्जैन में पहले से मेडी सिटी व साइंस सिटी है। यहां इंजीनियरिंग कॉलेज भी बन रहा है। मेडिकल, साइंस और टेक्निकल एजुकेशन के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की स्थापना भी की जाएगी। इसके अलावा डीपटेक रिसर्च पार्क भी बनाया जाएगा, सरकार ने प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रमुख निवेश (लीड इन्वेस्टमेंट) लाने के लिए अलग से कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है, जिसे मुख्यमंत्री के पेश किया गया और इसके सभी बिंदुओं पर चर्चा हुई।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम सेलवेंद्रन के मुताबिक प्रदेश में पांच आइटी एसईजेड, 15 से अधिक आइटी पार्क, 50 से ज्यादा बड़ी आटी कंपनियां, करीब 1200 से ज्यादा टेक स्टार्ट-अप्स काम कर रहे हैं। तकनीकी शिक्षा प्रदान करने वाले 300 से अधिक कॉलेज, आइआइटी, आइआइआइटीडीएम, आइआइएम, एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान भी हैं। तकनीकी क्षेत्र की 6 नीतियां हैं। टेक सेंटर में लगभग 12,500 करोड़ रुपए का निवेश आया है। इससे करीब 50 हजार नए रोजगार के अवसर मिलेंगे। आइटी आइटीईएस तथा क्वांटम और एआइ जैसी उभरते सेक्टर आदि पर विशेष फोकस है। इनके तहत करीब 5892 करोड़ की परियोजनाओं के प्रस्ताव पाइपलाइन में है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एसीएस संजय दुबे ने प्रेजेंटेशन में बताया कि उज्जैन में जो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है, उसकी नई कार्ययोजना तैयार कर संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा। सेंटर करीब 400 करोड़ की लागत से बनेगा। डीपटेक रिसर्च पार्क भी इसी सेंटर का हिस्सा होगा।
गुजरात की GIFT City की तर्ज पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रस्तावित इस इकाई सिटी Education, Knowledge and AI City (EKAI) का पूरा नाम है। इसे बनाने का उद्देश्य AI, रिसर्च, स्टार्टअप्स और स्किल डेवलपमेंट को एक ही छत के नीचे लाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसका सबसे बड़ा फायदा युवाओं को होगा। IT, AI, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और क्वाटंम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के हजारों अवसर बनेंगे। खास तौर पर स्थानीय स्तर के युवाओं जो इंजीनियरिंग और तकनीक के छात्र हैं, उनके भविष्य की चिंता दूर होगी।