
Bhopal Firecracker Market Fire-भोपाल के हलालपुरा पटाखा बाजार की आग ने एक बार फिर लालघाटी क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार सुबह लगी पटाखा बाजार की आग से आसपास का पूरा इलाका दहशत में है। कई घंटों तक हजारों पटाखे फूट रहे थे। दुकान के ही बगल में पेट्रोल पंप था, जहां एक चिंगारी भारी तबाही कर सकती थी। हरदा पटाखा फैक्ट्री और देवास पटाखा फैक्ट्री की घटनाओं से भी सबक नहीं मिला है। एक बार फिर इस हलालपुरा पटाखा बाजार को शहर के दूर करने की बहस छिड़ गई है।
शुक्रवार की सुबह मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में दहशत फैल गई थी। हलालपुरा बस स्टैंड के पास स्थित पटाखे की दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। भोपाल-इंदौर हाईवे पर काफी देर तक जाम लग गया था। कई किलोमीटर दूर तक आतिशबाजी की आवाजें आ रही थी। धमाके इतनी तेज थे कि कई किलोमीटर दूर तक कॉलोनियों के लोग घरों से बाहर आ गए थे। लोग यही पूछ रहे थे कि क्या हुआ। कहां से आवाजें आ रही है। काफी देर तक धमाकों के कारण अफरा-तफरी थी। भोपाल के लोगों की किस्मत अच्छी थी कि पटाखे की दुकान की आग पेट्रोल पंप तक नहीं पहुंची। अन्यथा बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता था।
इस घटना ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि आधा दर्जन फायर ब्रिगेड घटनास्थल पर पहुंच गई थी। बैरागढ समेत नगर निगम की कई दमकलें पहुंच गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जब पटाखे की दुकान में आग लगी तो लगातार बम धमाके चलते रहे। इस कारण बचाव कार्य में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दमकल कर्मियों को काफी सावधानी के साथ काम किया। दो घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। दो घंटे में पूरी दुकान जलकर राख हो गई थी। आग की घटना छह घंटे बाद भी धुआं और बारूद की गंध महसूस की जा रही थी। आसपास के कालोनी वासियों की किस्मत अच्छी रही कि वहां कोई जनहानि नहीं हुई। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच में पुलिस जुट गई है।
पहले यह पटाखा बाजार शहर में हुआ करता था, जिसे ऐहतियातन भोपाल से बाहर हलालपुरा बस स्टैंड के बगल में बनाया गया था। यह सोचकर बनाया गया था कि यह शहर के बाहर है, लेकिन अब बढ़ती आबादी और कंस्ट्रक्शन के कारण यह भी शहर के भीतर आ गया। आसपास आबादी बढ़ने लगी। अब इसे लेकर बहस छिड़ गई है कि रिहायशी इलाकों में संचालित पटाखा दुकानों को यहां से भी बाहर करना चाहिए या नहीं, क्योंकि ज्वलनशील सामग्री की दुकानों में आग लगती है तो वो आबादी वाले क्षेत्र के लिए खतरा बन जाती है। ऐसे में कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
भोपाल के कारोबारी सतीश शर्मा कहते हैं कि हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट और देवास पटाखा फैक्ट्री की घटना से आज भी लोग चिंतित हो जाते हैं। इसलिए इन घटनाओं से प्रशासन को सबक लेना चाहिए और उन्हें बैरागढ़ के भी बाहर इंदौर रोड पर शिफ्ट कर देना चाहिए। वहीं हलालपुरा क्षेत्र के आफिस में काम करने वाले कर्मचारी संतोष नायडू कहते हैं कि यह पटाखा बाजार अब आबादी के करीब हो गया है, इसलिए इसे शहर के बाहर करना चाहिए। या प्रशासन को पटाखा बाजार के आसपास किसी निर्माण की अनुमति नहीं देना चाहिए।