भोपाल

भोपाल के कोलार में गहराया पेयजल संकट, गर्मी आते ही पानी की जद्दोजहद शुरू

Drinking Water Crisis: पेयजल संकट गहराने पर आम जनता की राय- अनियमित सप्लाई से बढ़ी परेशानी, लो प्रेशर भी बड़ा कारण।

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Apr 18, 2026
bhopal kolar water crisis drinking water shortage

Drinking Water Crisis: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के कोलार इलाके में गर्मी शुरु होते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। पेयजल संकट के कारण अब लोगों की परेशानियां भी खुलकर सामने आने लगी हैं। रहवासियों का कहना है कि विकास और नई कॉलोनियों के विस्तार के बावजूद बुनियादी सुविधा पानी आज भी पर्याप्त और नियमित रूप से उपलब्ध नहीं हो पा रहा। क्षेत्र के कई इलाकों में पानी की सप्लाई तय समय पर नहीं हो रही। कहीं एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का ये भी कहना है कि सरकारी सप्लाई की कमी का फायदा निजी टैंकर संचालक उठा रहे हैं।

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पानी की सप्लाई के हिसाब से तय हो रही दिनचर्या

पेयजल संकट गहराने पर लोगों का कहना है कि उन्हें अपनी दिनचर्या पानी के हिसाब से तय करनी पड़ती है। सुबह-सुबह पानी आने की उम्मीद में लोगों को जागना पड़ता है, लेकिन कई बार निराशा ही हाथ लगती है। वहीं,कोलार के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर है। यहां पाइपलाइन से पानी का प्रेशर इतना कम होता है कि कई घरों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता। नतीजतन, लोग मोटर पंप या निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। इससे बिजली की खपत भी बढ़ रही है और जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि जब तक जल प्रबंधन को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी और मांग के अनुसार सप्लाई नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक कोलार जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में जलसंकट बना रहेगा। फिलहाल, क्षेत्र के लोग बेहतर और नियमित पेयजल व्यवस्था की आस में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

टैंकर संचालकों पर बढ़ती निर्भरता

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी सप्लाई की कमी का फायदा निजी टैंकर संचालक उठा रहे हैं। गर्मियों में टैंकरों के दाम बढ़ जाते हैं, जिससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों को भारी आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है। कई परिवारों को हर महीने हजारों रुपये केवल पानी पर खर्च करने पड़ रहे हैं।

पाइपलाइन लीकेज और रखरखाव की कमी

लोगों ने यह भी बताया कि कई जगह पाइपलाइन लीकेज की समस्या आए दिन बनी रहती है। सड़कों पर बहता पानी एक ओर संसाधनों की बर्बादी है, वहीं दूसरी ओर सप्लाई प्रभावित होने का कारण भी बनता है, समय पर मरम्मत नहीं होने से समस्या और बढ़ जाती है।

हर साल दोहराई जाती है वही समस्या

रहवासियों का कहना है कि हर साल गर्मी आते ही यही हालात बन जाते हैं। योजनाओं की घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। नई कॉलोनियों को अनुमति देने से पहले जलापूर्ति की ठोस व्यवस्था नहीं की जाती, जिससे दबाव और बढ़ता है।

क्या कहती है जनता

  • हमारे यहां पानी का कोई तय समय नहीं है, कभी सुबह आता है, तो कभी देर रात, घर का पूरा काम पानी के हिसाब से करना पड़ता है, जिससे काफी परेशानी होती है।राजकुमार अहिरवार,स्थानीय
  • पेशेवर लोगों पानी की समस्या सबसे ज्यादा खलती है, कई बार काम में देरी करके पानी भरने जाना पड़ता है, नियमित सप्लाई होनी चाहिए।प्रेमनारायण विश्वकर्मा,स्थानीय
  • पहले इतनी दिक्कत नहीं थी, लेकिन अब आबादी बढ़ने के साथ पानी का संकट भी बढ़ गया है, प्रशासन को पहले से प्लानिंग करनी चाहिए थी।हिम्मत सिंह,स्थानीय
  • पाइपलाइन लीकेज और लो प्रेशर सबसे बड़ी समस्या है, अगर इन पर ही सही तरीके से काम हो जाए, तो आधी परेशानी खत्म हो सकती है।अवधेश प्रताप सिंह,स्थानीय
  • पानी नहीं आने से पढ़ाई भी प्रभावित होती है, कई बार सुबह स्कूल/कॉलेज जाने से पहले पानी भरना पड़ता है, जिससे देर हो जाती है।विशाल शर्मा, स्थानीय
  • दुकान चलाने के लिए भी पानी जरूरी है, हमें टैंकर मंगवाना पड़ता है, जिससे खर्च बढ़ जाता है, प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।प्रदीप कुमार साहू, स्थानीय

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Published on:
18 Apr 2026 06:57 pm
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