
Bhopal News : घर में फ्रिज, एसी, टीवी या कंप्यूटर अचानक खराब हो जाए तो इसकी अहम वजह उपकरण में खराबी या बिजली के वोल्टेज में आए उतार - चढ़ाव को माना जाता है। लेकिन, बिजली से जुड़ी एक ऐसी समस्या भी है, जिस पर आमतौर पर उपभोताओं का ध्यान ही नहीं जा पाता। इलेक्ट्रीशन्स की मानें तो बिजली की सप्लाई लगातार मिलती रहने के बावजूद भी उसमें मौजूद गड़बड़ी इलेट्रॉनिक उपकरणों और मशीनों को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे उपकरण जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाते हैं, बिजली की खपत बढ़ती है और उनकी सर्विस देने की उम्र भी कम होने की संभावना रहती है।
इस बड़ी समस्या को कम करने के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) के डिप्टी डायरेटर डॉ. शैलेंद्र जैन हाई पावर फैटर कन्वर्टर्स और एक्टिव पावर फिल्टर पर शोध कर रहे हैं। उनका काम बिजली की सप्लाई को बेहतर बनाने और उसमें होने वाली गड़बड़ियों को कम करने से जुड़ा है।
-25 हजार से अधिक बिजली उपभोउताओं पर किए गए इस अहम सर्वे में सिर्फ 55 फीसदी उपभोउताओं ने ही बिजली की गुणवत्ता पर संतुष्टि जताई है।
-जबकि, 28 फीसदी उपभोक्ता बिजली की गुणवत्ता से पूरी तरह असंतुष्ट मिले हैं।
-असंतुष्ट उपभोउताओं में भी 55 फीसदी ने पिछले एक साल में बिजली की वजह से उपकरण खराब होने की शिकायत की है।
-इनमें 63 फीसदी उपभोक्ताओं ने बताया कि, एक सप्ताह में एक से अधिक बार वोल्टेज में उतार-चढ़ाव होता है।
आपको बता दें कि, बिजली की गुणवत्ता जांचने और उसे लगातार बेहतर बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आइईईई-519 और आइईसी-61000 जैसे मानक तय किए गए हैं। वहीं, भारत में भी बीआइएस ने इसके लिए आइएस- 18475: 2023 मानक विकसित कर रखा है।