भोपाल

पहले गुब्बारे से ‘हवा’ और कटोरी से मापते थे ‘कितनी होगी बारिश…?’ अब मिनटों में जानकारी

IMD: मौसम विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. डीपी दुबे ने बताया कि पहले की तुलना में अब नई तकनीक से मौसम की जानकारी लेना आसान हो गया है।

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Jan 15, 2026
Bhopal Meteorological Department प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

IMD: भोपाल के मौसम केंद्र में बदलते वक्त के साथ मौसम के पूर्वानुमान के तरीकों में भी बदलाव हो रहा है। सैटेलाइट और तकनीक से पहले मौसम का हाल गुब्बारे और कटोरी से जाने जाते थे। हवा की गति के लिए गुब्बारे का इस्तेमाल किया जाता था वहीं कटोरी से बारिश को मापा जाता था। लेकिन अब रडार तकनीक ने मौसम की जानकारी को मिनटों में सटीक और तेजी से उपलब्ध करा दिया है, जिससे बारिश और हवा की स्थिति का तुरंत पता चलता है।

यह आधुनिक तकनीक मौसम विभाग और आम लोगों के लिए बहुत मददगार है। मौसम विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. डीपी दुबे ने बताया कि पहले की तुलना में अब नई तकनीक से मौसम की जानकारी लेना आसान हो गया है। पहले टेलीप्रिंटर से डाटा आता था। किसी दूसरे सेंटर को भेजने के लिए टेलेक्स की मदद लेते थे। कई बार जिलों में टेलीग्राम से जानकारी भेजते थे, लेकिन अब नए-नए उपकरण आ रहे हैं, जिससे मौसम का पूर्वानुमान काफी आसान हो गया है।

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हर 15 मिनट में मिलती है पिक्चर

मौसम विभाग के वैज्ञानिक डी. अरुण शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में तकनीक बढ़ी है। इससे सतही हवा कैसी है, ऊपरी हवा की स्थिति, बादल, आर्द्रता आदि की जानकारी डॉप्लर रडार से मिल जाती है, साथ ही सैटेलाइट की संख्या भी देश भर में बढ़ी है। इससे हर 15 मिनट में पिक्चर मिल जाती है। आज भी बैलून सुबह और शाम केंद्रों में उड़ाए जाते हैं।

साथ ही कई पैमानों पर चेक किया जाता है। सतही के साथ समुद्री नेटवर्क भी बढ़ा है। सतही, समुद्री डाटा के लिए मॉडल लगातार विकसित किए जा रहे हैं, जिससे बिजली, वर्षा, तापमान सहित मौसम की बड़ी घटनाओं का विश्लेषण और पूर्वानुमान अधिक प्रभावी हो रहा है। ऐसे में पूर्वानुमान भी लोगों को सचेत ऐप, ई मीडिया ग्रुप सहित अन्य माध्यमों से आसानी से मिल जाता है।

तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी

मौसम का मिजाज इन दिनों स्थिर बना हुआ है। दिन में धूप खिल रही है और रात में हल्की ठंडक का दौर बना हुआ है। एक पश्चिमी विक्षोभ गुरुवार से हिमालय रीजन में सक्रिय होने की संभावना है, बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 26.8 और न्यूनतम 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार के मुकाबले बहुत ज्यादा अंतर तापमान में नहीं आया है।

ये भी जानिए

-9 जुलाई 1927 को हुई थी बैरागढ़ वेधशाला की शुरुआत
-1 जुलाई 1976 को भोपाल मौसम केंद्र की शुरुआत
-2014 में डॉप्लर राडार की शुरुआत

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Published on:
15 Jan 2026 10:54 am
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