bhopal news: जाम और पार्किंग की व्यवस्था न होने के कारण नए शहर के ग्राहक तो पुराने शहर के बाजार में प्रवेश करने से भी घबराते हैं।
bhopal news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के चौक बाजार में सबसे बड़ी दिक्कत अतिक्रमण और वाहनों की पार्किंग को लेकर है। रहवासी क्षेत्र से लेकर बाजार की सड़कें तक अतिक्रमण से पटी पड़ी हैं, उनके बीच वाहनों के पार्क हो जाने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। रही-सही कसर लोडिंग वाहनों का दिन भर प्रवेश जाम की बड़ी वजह बना रहता है। जिसके कारण नए शहर के ग्राहक तो इस सबसे पुराने बाजार में प्रवेश करने से भी घबराने लगे हैं। इस समस्या पर सुझाव और योजनाएं तो बनाई गईं, लेकिन प्रशासन ने सख्ती से उसका पालन नहीं किया है।
चौक बाजार से लगे कई खंडहर महल और टुटे स्कूल का परिसर खाली पड़ा है, वहां मल्टी लेवल पार्किंग बन जाएं तो व्यापारी और ग्राहको के वाहन वहां पार्क होने से बाजार में आवागमन सुगम हो सकता है।
सुबोध जैन, रहवासी
तारों के जाल और खंभों का हटाकर अंडर ग्राउंड तार डाले जाएं तो बाजार खुला-खुला नजर आएगा। बाजार के ऊपरी हिस्से में बने घर और दुकानों में शार्ट सर्किट और करंट लगने की दिक्कत नहीं होगी।
राकेश सोनी, व्यापारी, लालवानी गली
व्यापारियों से सहमति बनाकर बाजार में दुकानों के आगे प्रशासन को सीमा रेखा खींच देना चाहिए। उसके आगे लगने वाले दुकानों और अतिक्रमण पर कार्रवाई करना आसान हो जाएगा।
संजय अग्रवाल, समाजसेवी, चिंतामन चौक
थोक बाजार और फुटकर बाजार में वाहनों की निकासी और प्रवेश का रास्ता अलग-अलग और क्लीयर होना चाहिए। जिससे जाम की स्थिति से निजात मिल सकती है।
सत्यनारायण बागंड, व्यापारी, हनुमानगंज
अतिक्रमण की कार्रवाई की जिम्मेदारी जोन व वार्ड स्तर पर तय होना चाहिए। जिससे बाजार की व्यवस्था बनाने में दिक्कत कम होगी। लोकल स्तर पर व्यवस्था बनाने में दिक्कत कम हो जाएगी।
सुरेश साहू, दुकानदार, इतवारा रोड
बाजार 12 बजे से 9 बजे रात तक खुलता है। लोडिंग वाहनों का बाजार में प्रवेश का समय सुबह 12 तक और रात में 9 बजे के बाद करवाने पर सख्ती से पालन हो तो जाम से राहत मिल सकती है।
विक्रांत घोलप, व्यापारी,सुभाष चौक