Bhopal News: 250 अवैध कॉलोनियों में से जिला प्रशासन ने इस समय 33 कॉलोनियों में रजिस्ट्री-नामांतरण पर रोक लगाई है। अब पंजीयन के नियमों के अनुसार इनसे रोक हटानी होगी।
Bhopal News: अवैध और अनाधिकृत कॉलोनियों में रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रशासन अब रोक नहीं लगा पाएगा। पंजीयन के नए नियम के तहत इसे अमान्य कर दिया गया है। महापंजीयक ने इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखा है। अब पंजीयन के नियमों से ही रजिस्ट्री, नामांतरण होगा। इसलिए अब तक लगी रोक को भी हटाने के लिए कहा गया है।
भोपाल में इस समय 250 से ज्यादा अवैध कॉलोनियां चिन्हित हैं। वर्ष 2016 से पहले की वैध हो चुकी कॉलोनियों के अलावा ये कॉलोनियां हैं। 250 अवैध कॉलोनियों में से जिला प्रशासन ने इस समय 33 कॉलोनियों में रजिस्ट्री-नामांतरण पर रोक लगाई है। अब पंजीयन के नियमों के अनुसार इनसे रोक हटानी होगी।
अवैध कॉलोनियों को विकसित होने से रोकने के लिए प्रशासन रजिस्ट्री-नामांतरण पर रोक लगाता है। रजिस्ट्री नहीं होने व नामांतरण नहीं होने पर लोग प्लॉट का क्रय-विक्रय नहीं हो सकता है। हालांकि, इससे पंजीयन शुल्क की हानि होती है। भोपाल में नीलबड़-रातीबड़ से लगे बड़ा तालाब के कैचमेंट क्षेत्र से लेकर कलियासोत वन क्षेत्र, कोलार, गोविंदपुरा, बैरागढ़, हुजूर नजूल में कॉलोनियों में पंजीयन पर रोक है।
पंजीयन पर रोक मामले को हाईकोर्ट जून 2011 में अवैधानिक करार दे चुका है। इस मामले में मुख्य सचिव की ओर से तब प्रशासनिक अफसरों को कोर्ट के निर्णय की प्रति के साथ आदेश पालन के लिए नोटिस भेजा था। हालांकि मौजूदा स्थिति देखते हुए नहीं लगता कि इसपर किसी ने गंभीरता से काम किया।
रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारी एसआर तिवारी का कहना है कि रजिस्ट्री या नामांतरण प्रतिबंध से अवैध कॉलोनियों का विकास रुकना होता तो कब का रुक जाता। प्रशासन के पास पटवारी, आरआई से लेकर तहसीलदार स्तर पर प्रशासनिक अफसर हैं जिन्हें जमीन पर काम करना चाहिए। शहरी सीमा में निगम के जोन से जुड़े इंजीनियर,अफसर भी रहते हैं। अवैध कॉलोनी का विकास शुरुआत में ही रोक दें तो किसी प्रतिबंध की जरूरत ही न पड़े।
पंजीयन के नियम तय है और उसके अनुसार ही पंजीयन का काम होना चाहिए। इसमें प्रशासकीय आदेश ठीक नहीं है। एम शैलवेंद्रम, महानिरीक्षक पंजीयक