MP News: चार्जशीट में गवाहों की कमी पूरी करने के लिए पुलिस ने चाय की दुकान चलाने वाले को गवाह बना दिया....
MP News: एमपी में भोपाल शहर की पुलिस अपनी कार्यप्रणाली की वजह से अक्सर चर्चा में रहती है। ऐसे एक ताजा मामला सामने आया है जिसमें एमपी नगर पुलिस ने थाना क्षेत्र के एक मारपीट मामले में जांच टीम ने ऐसी लापरवाही की, जिसने पूरे सिस्टम पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार्जशीट में गवाहों की कमी पूरी करने के लिए पुलिस ने चाय की दुकान चलाने वाले को गवाह बना दिया। हैरानी की बात यह है कि खुद बल्लभ नगर निवासी धर्मेंद्र सिंह को इस बात की भनक तक नहीं थी कि वह किसी आपराधिक मामले में गवाह बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें 2019 के एक मारपीट करने मामले में गवाह बनाया गया है। कोर्ट से नोटिस आने जानकारी हुई।
पूरा मामला तब सामने आया जब 5 जनवरी को धर्मेंद्र सिंह के पास कोर्ट से समन पहुंचा। समन में लिखा था कि वह वर्ष 2019-20 अक्टूबर में हुए एक मारपीट के मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से गवाह हैं और उन्हें अदालत में पेश होना है। उन्होंने बताया कि कोर्ट का नोटिस देखकर धर्मेंद्र हैरान रह गए, क्योंकि न तो वह घटना के समय मौके पर मौजूद थे और न ही उन्होंने कभी पुलिस को कोई बयान दिया था।
धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि उनकी एमपी नगर इलाके में चाय की दुकान है और वे रोजमर्रा की तरह अपना काम करते हैं। मारपीट की जिस घटना का जिक्र केस डायरी में है, उससे उनका दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं। इसके बावजूद पुलिस ने उनका नाम गवाहों की सूची में डाल दिया।
पुलिस की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई मामलों में फर्जी गवाह, अधूरी जांच और जल्दबाजी में चार्जशीट दाखिल करने के बाद कोर्ट कई मामलों में पुलिस द्वारा बनाए गए दोषी को दोष मुक्त कर देती है।
मामले को संज्ञान में लेकर जांच की जाएगी। पूरे मामले में पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी। - हरिनारायण चारी मिश्र, पुलिस कमिश्नर