
Bhopal Police- भोपाल में एक मां की आंखों में 17 साल के बेटे रेहान की यादें आज भी ताजा हैं और उसके जाने के बाद घर में सन्नाटा पसरा हुआ है। भोपाल की सड़कों पर चाबी के छल्ले बेचकर जो बेटा परिवार का चूल्हा जलाता था, उसके जाने से मां और बहन के सामने रोजी-रोटी का भी संकट आ गया है। सुलभ शौचालय के एक छोटे से कमरे में गुजर-बसर करने वाले इस परिवार का दर्द भोपाल पुलिस के ACP संतोष पटेल ने समझ लिया। वे मदद के लिए आगे आए। उन्होंने मां को राशन दिया, बच्चों को पढ़ाई जारी रखने का हौसला दिया और भरोसा दिलाया कि रेहान के साथ हुई ज्यादती के आरोपियों को कानून के साथ भगवान भी सजा देगा। पुलिस की इस पहल से प्रेरित होकर सामाजिक कार्यकर्ता आकाश बाथम ने भी परिवार की मदद का जिम्मा उठाया।
चाबी के छल्ले यानी (कीचेन) बेचकर अपना और परिवार का गुजर बरस करने वाला रेहान अब इस दुनिया में है। वो घर का इकलौता कमाने वाला था। रेहान के जाने के बाद परिवार पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है। इसके बाद पुलिस व समाजसेवी मदद के लिए आगे आने लगे हैं।
भोपाल पुलिस के एसीपी संतोष पटेल जब सुलभ शौचालय पहुंचे तो उस मां की आंखों में आंसू आ गए। पटेल मासूम बच्चे की मां से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि आरोपियों को कानून भी सजा देगा और भगवान भी सजा देगा। उन्होंने अनाज दिए तो मां की आंखें फिर छलक आईं। एसीपी पटेल ने मृतक रेहान के भाई-बहनों से भी बात की और पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। जब मां ने रोते-रोते बेटे के चाबी के छल्लों को दिखाया, तो संतोष पटेल ने कहा कि इन्हें बेटे की निशानी के तौर पर संभालकर रखना। पटेल अपने साथ बोरियों में भरकर अनाज भी लेकर गए थे। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता आकाश बाथम ने इस परिवार की मदद का बीड़ा उठा लिया। उन्होंने 15 दिन का राशन उस बूढ़ी मां को पहुंचा दिया, जिसके बेटे की कुछ दिन पहले हत्या हुई थी।
संतोष पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट पर वीडियो शेयर कर लिखा है कि शाहजहांनाबाद के पास मजदूर नगर में एक मां अपने बेटे के गम में डूबी हुई है। उसके रहने का ठिकाना सुलभ काम्पलेक्स का एक रूम है, जहां साफ-सफाई के बाद जो मिलता है, उसी से उसका जीवन चलता है। उसका सहारा था बेटा रेहान। अब बेटे के रूप में मां के पास पहुंच गए आकाश बाथम, जिन्होंने राशन देकर के पास पहुंचे। मां के चरण छूकर संकल्प लिया कि कितनी भी मेहनत करनी पड़े आरोपियों को सजा करवाएंगे। पिछले दो दिन से पुलिस रात को एक बजे भी इस मां के लिए भोजन पहुंचा रही है। यह भोपाल पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर काफी तारीफ हो रही है।